Thursday, 29 August 2013

मुझे गन्दा गन्दा लगता है

मैं श्रेया आहूजा फिर से आपके सामने पेश हूँ किशोरावस्था की एक गाथा लेकर..

बात उन दिनों की है जब मैं अट्ठारह साल की थी, पढ़ाई में अच्छी नहीं थी इसीलिए दसवीं कक्षा में थी। मेरे दोस्त बड़े बड़े थे अक्सर क्रिकेट खेलते थे... दोस्त से मेरा मतलब था लड़कों से लड़कियाँ मुझसे शुरू से नापसंद थी... बहुत पढ़ाकू और एक नंबर की स्वार्थी होती है लड़कियाँ ! हमेशा बेकार की बातें करते रहती हैं... इसलिए मेरे दोस्त हुआ करते थे दानिश, रौनक और संजय।

हम चारों अक्सर लफंडरबाजी करते रहते थे।

एक शाम हम चारों लुक्का-छुप्पी खेल रहे थे... मैं और दानिश छुपे हुए थे, संजय खोज रहा था और रौनक भी कहीं छुपा हुआ था। मैंने एक फ्रॉक पहनी हुई थी.. जो घुटनों तक थी.. पंजाबन हूँ तो बहुत बाल हुआ करते थे मुझे। दानिश और मैं बहुत करीब थे, छुपे हुए... दानिश का लिंग मेरे कूल्हों को छू रहा था... मेरे कूल्हे बड़े हो रहे थे... मेरे मम्मे भी बड़े हो रहे थे... सेक्स क्या होता है मुझे अच्छे से पता था.. इन लड़कों के साथ रहकर सब पता था मुझे कि ये आपस में क्या कोड बातें करते थे, सब पता था पर सच बताऊँ, किसी ने मुझ पर डोरे डालने की कोशिश नहीं की थी। संजय और रौनक तो बिल्कुल बच्चे से मन के थे, हाँ इन में से दानिश सबसे बड़ा था... इंटर का छात्र था..

हम दोनों बेड के नीचे छुपे हुए थे... तभी दानिश का हाथ मेरे पैर पर पड़ा... धीरे धीरे मेरी जाँघों तक अपना हाथ ले गया वो !

मैं नहीं रोकती तो न जाने कहाँ तक ले जाता... मैंने उसका हाथ पकड़ के हटा दिया..

उसने मेरे होंठों पर एक छोटी सी चुम्मी ले ली और भाग गया...

उस रात मैं यही सब सोचती रही... वो क्या कर गया था मेरे साथ... जब मैं बाथरूम गई तो मेरी पैंटी गीली थी... उंगली डाली तो अन्दर चिपचिपा सा था... मुझे गन्दा गन्दा सा लग रहा था...

अगले दिन मैंने अपनी भाभी से पूछा जो हमारे यहाँ किरायदार थी...

मैं- भाभी एक बात पूछूँ...?

भाभी- हाँ हाँ बोलो

मैं- कल रात मेरे उसमें से कुछ निकल रहा था... बड़ा चिपचिपा सा पानी सा था... अजीब सी महक थी... पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था... क्या था वो??

मैं भाभी से खुल के बात कर लिया करती थी इसीलिए कोई हिचकिचाहट नहीं हुई मुझे।

भाभी- पगली वो तो पानी होता है...

मैं- पानी नहीं था भाभी...

भाभी- पगली उसको पानी ही कहते हैं... जो संभोग करने से पहले निकल जाता है ताकि लड़कों का लंड आराम से घुस जाये !

यह बात मम्मी ने सुन ली... तभी वो गुस्से में आई !

मम्मी- कमीनी ! पानी निकलवाती है फुद्दी से... स्कूल पढ़ाई सब नदारद... क्या करके आई है करमजली?

भाभी- आंटी जी, बात तो सुनो...

मम्मी- चुप कर तू... आने दे आज इसके पापा को ! ऐसा सबक सिखाती हूँ इसे आज...

मम्मी अक्सर मुझे मारा करती थी... गाली दिया करती थी... उस दिन भी...

मम्मी ने मेरे स्कर्ट ऊपर उठाया.. मुझे झुकाया और पैंटी नीचे सरका करके लगाने लगी मेरे चूतड़ों पे डंडे !

भाभी- अरे बड़ी हो गई है वो... अब तो मत मारो इस तरह...

मम्मी- बहुत बड़ी हो गई है।

मम्मी ने मार मार के मेरी गांड बिल्कुल लाल कर दी थी ! तभी भाभी ने उन्हें रोक और मुझे उठाया और पैंटी पहनाई और मेरी फ्रॉक नीचे की !

भाभी ने अगले दिन मुझे अपने यहाँ बुलाया और मुझे पलंग में उल्टा लेटा दिया ! मेरी स्कर्ट उठाई और पैंटी नीचे की ! मेरे दोनों गोल गोल चूतड़ों पर हल्दी चूना का लेप लगाया !

भाभी- तू अपने बदन से बाल क्यूँ नहीं साफ़ करती?

मैं- लेकिन उसमें तो बहुत दर्द होगा न?

भाभी- अरी पगली, बाज़ार जाकर बाल हटाने वाली क्रीम ले आ मैं कर दूंगी !

अगले दिन मैं वो क्रीम लेकर आई.. भाभी ने मेरे कपड़े हटाये... मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी और वो ब्रा और पेटीकोट पहनी हुई थी, हम दोनों बाथरूम में थे।

पहले उन्होंने मेरी बगलों में क्रीम लगाई और दोनों बांहों में लगाया... दस मिनट तक लगाने के बाद उससे हटाया... सारे बाल हट चुके थे। फिर मेरी टांगों पर लगाई और फिर हटा दिए सारे बाल !

तब भाभी ने मेरी पैंटी खींची...

मैं- भाभी रहने दो न !

मैं शर्मा गई !

भाभी- अरे पगली मैं भी तो एक औरत हूँ... चल साफ़ करने दे !

भाभी ने मेरी पैंटी को नीचे सरकाया.... मेरी टांगें खोली और बड़े प्यार से मेरी चूत के आसपास क्रीम गोल गोल गुमा गुमा कर लगाई, फिर पानी का फुहार और चूत के सारे बाल बह गए... मेरी चूत एकदम नंगी हो गई... मेरी चूत कैटरीन कैफ जैसी चिकनी चमेली हो गई।

भाभी ने मेरी चूत पर हाथ फेर दिया और अपनी कन्नी उंगली मेरी चूत में डाल दी।

भाभी- एकदम तंग है तेरी गली ! हा... अह...

मैं- उई भाभी ! तुम भी ना !

भाभी ने अपना पेटीकोट खोल दिया अपना पैंटी नीचे सरकाई।

भाभी- अब देख क्या रही है... चल बची हुआ क्रीम लगा... साफ़ करके मेरी चूत को अपने जैसी चिकनी चमेली कर !

मैंने भी वैसे वैसे कर दिया जैसे भाभी मुझे बता रही थी।

फ़िर भाभी ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरे भी... हम दोनों एकदम नंगे नहाने लगी।

मैंने भाभी की चूत देखी... मुझसे काफी बड़ी थी... गुलाबी चर्बी बाहर थी... गुद्देदार थी...

भाभी- क्या देख रही है... जब तू भी चुद जाएगी और बच्चे निकालेगी तब तेरी भी ऐसी हो जाएगी।

नहाते वक़्त भाभी ने कई बार मेरे मम्मे दबाए... साबुन लगाया.. सफाई के बहाने कई बार मेरी चूत में उंगली डाली !

मुझे गन्दा गन्दा लग रहा था... पता नहीं भाभी ऐसा क्यूँ कर रही थी...

बाद में पता चला जब मेरी नौकरानी ने बताया- आप भाभी से दूर रहना...

पूछने पर उसने बताया- घर की हर नौकरानी के साथ उसने ऐसा ही किया था... मालिश के बहाने वो नंगी हो जाया करती थी और उसने कई रात जब घर पर कोई नहीं होता था उसे नंगे साथ सोने पर मजबूर किया करती थी।

तब से मैंने भाभी से दूरी बना ली...

हम एक शाम दानिश के साथ एक पार्क में गए। मैंने उस शाम गुलाबी टॉप और सफ़ेद स्कर्ट पहनी हुई थी। चलते चलते दानिश ने मेरा हाथ पकड़ लिया।

दानिश- मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ ! शादी करोगी मुझसे?

मैं- हट... कितनी लड़कियों से कह चुके हो?

दानिश- सच में सिर्फ तुमसे... पहली बार...!

मैं जानती थी उसका बहुत चक्कर भी रह चुका है। उसके बारे में यह भी बात थी कि वो रंडीखाने जाता है।

मैंने हाथ छुड़ा लिया तो दानिश नाराज़ हो गया !

दानिश- मुझे पता है कि तुम मेरे बारे क्या सोचती हो... साले उस कमीने संजय के वजह से !

मैं- नहीं, उसने कुछ नहीं कहा।

दानिश- तुम उससे प्यार करती हो न... एक नंबर का ठरकी है वो...

मैं- नहीं उससे नहीं करती.. लेकिन तुमसे भी नहीं करती हूँ।

शाम ढल चुकी थी... दानिश ने मुझे एक ओर खींच कर पेड़ के पीछे ले गया। दानिश काफी लम्बा चौड़ा था। देखने में भी अच्छा था... उसने मुझे बांहों में ले लिया !

उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रखे और मुझे किस करने लगा... उसने मेरे मुँह के अन्दर अपनी जीभ डाल दी, मुझे गन्दा गन्दा लगा तो मैंने उसे धक्का दे दिया।

वह अपना एक हाथ मेरे स्कर्ट के अन्दर ले गया और पैंटी के भीतर घुसा दिया... मेरे चूतड़ों को मसलने लगा।

मैं- मुझे जाने दो...

दानिश- पहले बोलो, तुम मुझसे प्यार करती हो या नहीं?

मैं- ओके करती हूँ बस... अब जाने दो मुझे !

दानिश- मुझे यकीन कैसे होगा?

मैं- ओह हो ! अब कैसे यकीन दिलाऊँ?

दानिश- मेरा लंड चूस के... चूसो ना ! बहुत मज़ा आयेगा।

उसने मुझे नीचे बैठाया... अपनी जीन्स की जिप खोल और अपना लौड़ा बाहर निकाल दिया ! उसका लंड काला और गुलाबी टोपा था। लंड खड़ा हो गया था.. उसने मेरे बाल पकड़े और मेरे होंठों पर लंड रख दिया।

दानिश- मुँह खोलो... अन्दर लो.. चुप्पे मारो !

मैंने आँखें बंद की और थोड़ा सा अन्दर लिया उसका गुलाबी टोपा ! उससे खारा पानी जैसा निकल रहा था... मैंने तुरंत बाहर

निकाल दिया क्यूंकि मुझे गन्दा गन्दा लग रहा था।

दानिश ने मुझे ऊपर उठाया...

दानिश- चल कोई बात नहीं... यहीं चुदेगी... अँधेरा हो गया है, पार्क में कोई आयेगा भी नहीं !

मैं- यहाँ... न बाबा न... कोई आ गया तो...?

तभी एक आवाज़ आई... एक पुलिस वाला हवलदार था

हवलदार- मादरचोद कौन है वहाँ... साले लड़की चोदता है... रुक साले...

उस हवलदार ने मुझे आकर पकड़ लिया...

हवलदार- रंडी साली, ज्यादा गर्मी चढ़ी है... आज यहीं तेरी गर्मी उतारता हूँ !

मैं- अह सर, मैं मेजर जैल सिंह की बेटी हूँ... यह बदतमीज़ी मेरे साथ ना करना !

हवलदार डर गया... मेरे पापा को शहर में सब जानते थे... वो बहुत पहुंचे हुए थे...

हवलदार ने मुझे जाने से कहा और फिर दानिश को पकड़ लिया

उसने दानिश को बहुत डंडे मारे... इतना कि उसने मुझसे मिलना भी छोड़ दिया।

उस दिन घर आकर मैंने दसियों बार ब्रश किया होगा...

अब मेरा भाभी से और दानिश से कोई लेना देना नहीं था...
हवलदार- मादरचोद कौन है वहाँ... साले लड़की चोदता है... रुक साले...

उस हवलदार ने मुझे आकर पकड़ लिया...

हवलदार- रंडी साली, ज्यादा गर्मी चढ़ी है... आज यहीं तेरी गर्मी उतारता हूँ !

मैं- अह सर, मैं मेजर जैल सिंह की बेटी हूँ... यह बदतमीज़ी मेरे साथ ना करना !

हवलदार डर गया... मेरे पापा को शहर में सब जानते थे... वो बहुत पहुंचे हुए थे...

हवलदार ने मुझे जाने से कहा और फिर दानिश को पकड़ लिया

उसने दानिश को बहुत डंडे मारे... इतना कि उसने मुझसे मिलना भी छोड़ दिया।

उस दिन घर आकर मैंने दसियों बार ब्रश किया होगा...

अब मेरा भाभी से और दानिश से कोई लेना देना नहीं था... महीनों बीत गए दोनों से बात किये हुए।

बस घर पर पढ़ाई.. टीवी.. कंप्यूटर.. एक दोपहर मुझे एक ईमेल आया संजय का !

मैंने मैसेज किया- संजय, कहाँ हो यार...चल मिलते हैं !संजय का मैसेज आया- आज शाम...?

मैं संजय से शाम को मिली... और फिर अगले दिन फिल्म देखने का प्लान बना... मम्मी पापा भी शहर से बाहर थे।

मैं- संजय हम इतने आगे से फिल्म देखेंगे...?

संजय- हाँ यार टिकट ही नहीं मिला...

मैं- लेकिन यहाँ बहुत से लड़के हैं... आगे के पंक्ति में सिर्फ लड़के ही लड़के हैं।

संजय : अरे उनसे क्या ! तू बस फिल्म देख...

फिल्म हॉल पुराना था... मॉल की तरह नया ऑडी नहीं था... बहुत बेकार लोग आजू बाजू बैठे थे...

संजय ने मेरा हाथ पकड़ा... और फिल्म के बीच में प्रोपोज कर दिया।

प्यार तो मैं करती ही थी... सो मैंने हामी भर दी।

मैंने स्लीवलेस टी शर्ट काले रंग का पहना हुआ था... और जीन्स...

संजय देखने में बहुत अच्छा था.. बस कद में छोटा था... और पतला दुबला था... उम्र में भी कम था और देखने में उससे भी कम था... लेकिन उसके साथ रहना मुझे अच्छा लगता था...

उसने मुझे अपने पास किया और मुझे चुम्बन करने लगा... मैं भी उसे किस करने लगी... और न जाने कब इंटरवल हो गया.. तभी हम अलग हुए....

पीछे बहुत गुंडे टाइप स्टूडेंट बैठे थे जिन्होंने यह करते हमें देख लिया... वो तीन ही थे शायद साथ में उन्होंने कमेंट करना शुरू कर दिया

एक लड़का- फिल्म तो आगे चालू है बॉस !

दूसरा लड़का- हीरोइन तो टंच है बीडू... हमें भी एक चांस दे...

तीसरे ने एक पॉपकॉर्न मेरे ऊपर फेंक दिया जो टीशर्ट के अन्दर चला गया। मैं निकालने लगी तो-

तीसरा लड़का- कहो तो हम निकाल दें मैडम?

फिल्म शुरू हुई तो तीनों थोड़ा शांत हो गए... मेरे लाख मन करने पर भी संजय ने मेरे जीन्स के अन्दर हाथ डाल दिया, उसने बटन और ज़िप खोल कर हाथ डाल दिया और अपनी उंगली मेरे फुद्दी में अन्दर बाहर करने लगा। मुझे गन्दा गन्दा लग रहा था।

पीछे बैठे लड़कों को मेरी सिसकारियाँ सुनाई देने लगी शायद इसीलिए एक ने अपने जूते संजय के सीट पर रख दिए।

संजय- ओये मिस्टर, यह क्या बदतमीजी है?

तीनो में से एक लड़का- बदतमीज़ी..? अभी की नहीं ! कर के दिखाऊँ?

मैंने संजय से कहा- चलो चलते हैं यहाँ से ! लोग सुन रहे हैं।

सो हम दोनों कॉरिडोर से निकलने लगे फिल्म चल रही था सो सब अन्दर ही बैठे थे, तभी अचानक से तीनों हमारे पीछे आ गए।

उनमें से एक ने मुझे गोदी में उठा लिया.. मैं चीखती इससे पहले वो तीनों मुझे जेंट्स टॉयलेट ले गए।

संजय- हमें जाने दो... प्लीज़... उसे छोड़ दो !

एक- चल तू जा... इसे बाद में भेज देंगे...

तभी संजय ने उन्हें रोकना चाहा तो एक ने संजय पर वार कर दिया...

एक ने संजय को पकड़ लिया और दूसरे ने मेरा टीशर्ट और ब्रा ऊपर कर दिया मेरे मम्मो को जोर जोर से दबा कर निप्पल चूसने लगा... मुझे गन्दा गन्दा लग रहा था !

इसी बीच वहाँ के कुछ गार्ड आ गए।

गार्ड- आप भागिए मैडम, नहीं तो पुलिस का चक्कर बनेगा !

मैं जल्द ही भाग निकली ! बाद में पता चला कि संजय भी वहाँ पिट गया।

संजय उस घटना के बाद मुझसे कभी नहीं मिला, जब भी मुझे सड़क पर मिला, हमेशा नज़रें चुरा कर अपनी अलग राह हो लिया...

अब न भाभी थी ना दानिश ना संजय... बहुत बोर लगने लगी थी दुनिया।

एक दिन मैं सब्जी खरीदने जा रही थी, तभी रास्ते में मुझे रौनक मिला।

रौनक- श्रेया तुम इतने दिनों से कहाँ हो?

मैं- बस कुछ नहीं यार...पढ़ाई में व्यस्त थी... मैथ समझ नहीं आता मुझे ना ! इसीलिए !

रौनक- अरे ! तूने मुझसे क्यूँ नहीं कहा, मैं पढ़ा देता !

मैं- ओह सच में? कब और कहाँ?

रौनक- मेरे घर पर... आज शाम को ही आ जा !

मैं- ठीक है आज मिलते है फिर...

शाम को मैं रौनक के घर गई। घर पर कोई नहीं था। रौनक ने मुझसे दानिश और संजय के बारे पूछा।

मैं- पता नहीं आज कल कहाँ है वो... तुम्हें कोई आईडिया है कि कहाँ हैं वो लोग?

रौनक : नहीं, आज कल क्रिकेट खेलने भी नहीं आते !

मैं- खैर छोड़ो... चलो पढ़ाई शुरू करते हैं।

मैं उस शाम घुटनों तक स्कर्ट और एक टी शर्ट पहनी हुई थी। रौनक एक काला और मोटा लड़का था। देखने में एकदम बेकार था। अब तक मैं भाभी के साथ पूरी नंगी होकर नहा चुकी थी, दानिश ने मुझे किस किया था और लगभग अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया था। संजय ने मुझे किस किया था और मेरी चूत में उंगली डाली थी।

उन दो लड़कों से चुदवाते हुए लगभग रह गई थी। इन सब घटनाओं ने मेरे अन्दर बहुत आग भर दी थी। अब बस मैं भी चुदवाना चाहती थी। चाहे वो चोदू कोई भी हो !

मैंने पढ़ते पढ़ते अपनी स्कर्ट ऊपर कर दी... अब मेरे गोरी गोरी भरी जांघें रौनक को दिख रही थी।

क्या नसीब था इस कल्लू का जो मेरे जैसी हसीना को इस तरह देखे।

रौनक शरमा गया और उसने अपनी नज़रें हटा ली...

मैं- क्या हुआ... क्या देख रहे थे?

रौनक- कुछ नहीं... सॉरी !

मैं- अरे सॉरी क्यूँ बोल रहे हो... तुम तो मेरे दोस्त हो.. तुम चाहो तो इन्हें छू सकते हो।

रौनक- न न नहीं...

रौनक शरमा रहा था तो मैंने उसका हाथ उठा कर अपनी जांघों पर रख लिया...

रौनक मेरी जांघों को सहलाने लगा।

मैं- कैसा लगा रौनक... मैं तुम्हें पसंद नहीं??

रौनक- तुम... तुम्हें कौन नहीं पसंद करेगा... तुम इतनी सुन्दर जो हो...

मैं- सच में... मैं तुम्हें सुन्दर लगती हूँ...?

मैंने अपना टीशर्ट ऊपर किया और रौनक को अपने मम्मे चूसने को कहा..

रौनक- मेरी इतनी औकात नहीं कि इनको चूसूँ... इनको तो कोई बहुत स्मार्ट लड़का चूसेगा... तुम कहो तो मैं तुम्हारी चूत चूस सकता हूँ।

मैंने अपनी पैंटी नीचे की... अपने टांगों को फैलाया...

रौनक ने अपनू मोटी और खुरदरी जीभ मेरी योनि में घुसा दी...

मैं- ई... अह... बस बस...

रौनक जीभ अन्दर बाहर कर रहा था... मैंने अपनी टाँगें जोड़नी चाही ताकि उसकी जीभ को कुछ देर रोक सकूँ।

मैं- अहह रौनक ! नहीं सहा जा रहा है।

मैंने रौनक के बालों को कस कर पकड़ लिया।

रौनक केवल अपना जीभ अन्दर बाहर ही नहीं, ऊपर नीचे भी कर रहा था.. ऊपर जाते वक़्त वो अपनी जीभ से मेरे

मूंगफली की गिरी जैसी क्लेटोरिस को छू रहा था... तब पता नहीं था पर मेरे सारे शरीर में कर्रेंट दौड़ रहा था...

मेरी आँखें अधखुली थी... मैं कांपने लगी...

मेरे पूरा जिस्म अब थरथराने लगा था... रौनक के चूत चूसते पूरे बीस मिनट हो रहे थे... ऐसा लग रहा था कि जैसे कुछ मेरी चूत में से बम जैसा विस्फोट होने वाला था... रौनक मेरे थर्राते चूतड़ों को पकड़ लिया... फिर... वो पहली बार हुआ...

मैं- आह माँ उई माई... मम्मी... आह माई...

रौनक के मुँह में मैं चरमोत्कर्ष पर पहुँच गई... मेरे बच्चेदानी के अन्दर कुछ बारूद के भांति फट गया..

क्लाइमेक्स... क्लाइमेक्स कहते हैं उसे... वो हुआ था मुझे पहली बार ! रुक रुक कर मेरी चूत से कामरस निकल रहा था और रौनक के मुँह में जा रहा था...

रौनक ने मेरा सारा कामरस निगल लिया..... मुझे समझ में नहीं आया कोई ऐसी चीज़ कैसे निगल सकता है ! मैं निढाल पड़ गई... मुझमें इतनी शक्ति नहीं थी कि मैं खड़ी हो जाऊँ ! अपने पैरों पर मैं अब सिर्फ ब्रा पहनी हुई थी... और रौनक ने सिर्फ अंडरवियर पहना हुआ था...

उसने मुझे अपने गोदी में उठाया और पलंग पर लेटा दिया...

मैं- रौनक मैं तुमसे प्यार नहीं करती.. प्लीज़ मत चोदना मुझे...

रौनक- मुझे पता है... टेंशन मत लो.. मैं तुम्हें फक नहीं करूँगा... लेकिन क्या मैं तुम्हें पकड़ कर थोड़ी देर आराम कर सकता हूँ...??

मैं- हाँ रौनक... आ जाओ...

मैं रौनक की बांहों में आ गई... मैंने रौनक के छाती पर सर रखा... वो मेरे बालों से खेल रहा था...

मैं- रौनक ! आई ऍम सॉरी... मैं सेक्स नहीं दे पाई तुम्हें...

रौनक- कोई बात नहीं... जो मिला, मैं बहुत खुश हूँ...

मैं- तुम्हें मेरी चूत से निकला पदार्थ... गन्दा गन्दा नहीं लगा??

रौनक- नहीं श्रेया... जब तुम किसी से प्यार करो तो उसका बदन को कोई अंग तुम चूस सकती हो... उसके बदन से निकला कोई पदार्थ तुम पी सकती हो... तुम्हें गन्दा गन्दा नहीं लगेगा...

तब मुझे एक बात समझ में आई थी... अगर आप किसी को किस करते है तो उसके उसके जीभ को चूसने में आपको गन्दा गन्दा नहीं लगना चाहिये... अगर आप किसी को सच्चे दिल से मोहब्बत करते हैं तो उसका मुठ भी गन्दा गन्दा नहीं बल्कि अमृत लगेगा...

धन्यवाद दोस्तों मेरी आपबीती पढ़ने के लिए... मुझे यकीन है आपको गन्दा गन्दा नहीं अच्छा अच्छा लगा होगा


Sunday, 25 August 2013

ghar ki tanhai

Ek din main college se jaldi hi ghar aagaya. College me ek-do din
baad function hone wale the isliye jaldi hi chhootti dedi. Ghar par
us samay Rita, hamari naukrani ko chhodkar koi nahi tha. Papa office
gaye huye the aur Mummy kisi relation wale ke yahan gayi huyi thi.

Maine Rita ko bulakar use coffee banane ko kaha aur apne room me
chala gaya. College se mere friend ki ek magazines saath laya tha
jisme ek pornstar ki chudai karte huye ki photos thi. Room me aakar
main use dekhane baith gaya. Sexy photos ko dekhte dekhte mera hath
apne-aap mere lund par chala gaya, Maine apne lund ko pant ke andar
se bahar nikal liya aur use maslte huye magazines ke photos dekhta
raha. Lund mere hath me hi tha ki Rita room me coffee lekar aayi.
Shayad usne dekh liya tha. Lekin anjaan bante huye meri taraf peeth
karke pass padi table par rakh diya aur boli, “Lo coffee, sahib.”

Maine apne lund ko vapas pant me khiskaya aur koi gana gungunane
laga. Coffee rakhne ke baad Rita ghoom kar mujhe arthpurn nazron se
dekhkar muskrakar chali gayi. Main magazine ko apni kapat me chhupa
kar coffee peekar hall me chala aaya. Hall me aakar TV start kar
diya. Music channel lagakar gaane sunne laga. Music channel par remix
gaane ke promos aarahe the. Ek se ek sexy seen dekhkar mera deemag
par vasna ka bhoot chadh gaya. Magazine ke chudai ke photos ankhon ke
samne nachne lage. Tabhi Rita bhi aakar sofe ke neeche baithkar gaane
dekhne lagi.

Rita ki taraf dhyan jaate hi room wala seen yaad aagaya. Mujhe pakka
maloom tha ki usne mere lund ko jaroor se dekha hai. Woh bhi gaane
dekhte dekhte mere taraf ek ajeeb nazar se mujhe dekh rahi thi. Mera
dhyaan ab poori tarah se Rita par ho gaya. Sawla rang, teekhe nen,
bhare huye uske mumme. Vaise bhi jab vasna ka bhoot deemag par
chadhta hai to koi bhi sadharan ladki bhi Bollywood ki heroin lagti
hai. Iss samay Rita mere liye Aishwarya se kam nahi thi.

Maine use bulakar ek glass pani lane ko kaha. Jab woh paani lene
chali gayi to maine apna lund bahar nikal liya. Lund bhi azad hone ko
kabse meri pant me machal raha tha. Apne lund ko khula chhod kar me
TV dekhne laga. Jab Rita paani lekar mere samne aayi to uski nazar
mere bhookhe sher par padi. Lund ekdum seedha khada uska welcome kar
raha tha.

Lund ko dekhte hi Rita muhn par hath rakhkar boli, “Aaiiyaaa, yeh kya
kar rahe ho.”
Maine kaha, “Kya kar raha hoon?”
Rita boli, “Yeh pant ki chain khol kar yeh kya bahar nikala hai?”
Main Rita se poochha, “Yeh kya? Kya hai yeh?”
Rita, “Wahi jo tumhari pant se bahar nikla hua hai.”
I, “Kya hai?”
Rita ke muhn se besakhta nikal gaya, “Tumhara lund.”

Lund sabd uske muhn se sunkar me samajh gaya ki yeh khaili kayi huyi
hai. Ise todha pataoonga to apna kaam ban jayega. Use patane ke
andaaz me bola, “Yeh maine tumhare liye nikala hai. Lo ise hath me
lekar dekho.”
Itna sunne ke baad banawati gusse me boli, “Chhi! Kitni gandi baat
karte ho. Anne do tumhare mummy aur papa ko. Sab bata doongi me unko.”

Main bhi besharmi par utar aaya, “Kya bologi mere mummy aur papa ko
ki maine tumhe kya deekhaya.”

Rita ne paintra badlte huye boli, “Jaao main tumse baat nahi karti.”

Maine thodi jid karte huye kaha, “Pagal mat bano Rita. Sirf ek baar
ise hath lagakar chhoO, main tumhe make-up ka saman lakar doonga.”

Thodi jhijhak aur todha lalach den eke baad woh mere lund ko choone
ke liye tyaar ho gayi. Apne hath ko badhakar mere lund ko pakda. Lund
ek dum garm ho chuka tha. Garam lund ko chookar uske chehre par ek
sharam ka bhav aaya aur phir mere lund ko chhod diya. Main uske hatho
ka sparsh apne lund par pakar aur pagal ho gaya. Meri aankhe band ho
gayi thi. Uske hath hatate hi mene ankhe kholi aur usse
poochha, “Chhod kyo diya? Ise apne hath me do teen minute tak rakho.’

Rita ne vapas apna hath badhaya aur use apni hatheli me jakad liya.
Vapas jaldi na chhod de isliye maine apni hatheli me uski hatheli ko
daba diya. Rita ka muhn sharam se laal ho gaya. Maine mauka tadte
huye use apni bahon me leliya. Woh kasmasakar meri giraft se niklne
ke liye baichain ho uthi.

Maine use apni giraft me aur jakadte huye uske kano me
fusfusaya, “Please karne de na mujhe. Dekho koi ghar par nahi hai. To
kisi ko maloom nahi hoga.”

Thodi der me uski kasmasahat dur ho gayi. Tab main uske galon ko
chumte huye uske mumme ko kammej ke upar se hi chatne laga. Apne
danto ko halke halke gadane laga uske mummo par. Apne ek hath se unhe
dabochane aur masalne laga.

Isi dabochane aur masalne ke beech Rita boli, “Ufff, aise kya kar
rahe ho? Mere kapde fat jayenge.”

Main samajh gaya ki ab yeh raji ho chuki hai. Ab isko chodne me deri
nahi karni chahiye. Uski Salawar Kameej ko khol kar phenk diya aur
uski bra ko hatakar uske bade bade mummo ke sath khelne laga. Uske
mummo ko chatne laga. Uske kale-kale nipple ke dane ko choosne laga.
Udhar Rita bhi mere lund ko hath me pakad kar hilane lagi.

Maine usse kaha, “Mere lund ko muhn me lekar chooso.”

Rita ne na-nukur karte huye kaha, “Nahi.”

Maine use samjhaya, “Jao wash-basin se towel geela karke lao aur lund
ko poonchh kar phir apne muhn me le lo.”

Poonchhne ki baat sunkar kewal panty me hi woh wash-basin se towel
geela karke layi tab tak me apne poore kapde utar kar nanga ho chuka
tha. Mere lund ko achchhi tarah se poonchh kar, saaf kar apne muhn me
le liya.

Mera lund uske muhn me jaate hi mere badan me aag lag gayi. “Ufff”
Sali kya choos rahi thi. Apne hothon aur jeebh ka bharpur prayog kar
rahi thi.

Mere muhn se nikal pada, “Yess… chooso … mere lund ko …. roj choosna
… mere lund … ko … bada maza … aa raha … hai …. please daant nahi
gadao …. Haaannn … aise hi chooso … haannn … apni jeebh se chato ise
… mere lund ko.”

Chooste chooste mujhe laga ki mera lund kahi ab jhad nahi jaye to
mene apna lund uske muhn se nikaal liya. Ab chodne ke liye use sofe
par leta diya. Uski panty ko kheench kar nikaal diya. Uski choot mere
samne thi. Rus se bharee huyi, chudwane ko betaab. Uski choot ko
dekhkar main jyada uttejit ho gaya. Aaj tak kewal magazine me hi
choot ko dekha tha. Magazine me choot ko dekhkar apne lund ko hila-
hila kar apna paani nikaal liya karta tha. Pahli baar choot ko apne
samne paakar meri bhookh bahut jyada badh gayi.

Choot ko nazdeek se dekhne ke baad apni jeebh uspar laga di. Jeebh ke
touch hote hi Rita siskari lene lagi. “Kya maja aaraha hai… chooso ….
meri choot ko.”

Apni jeebh ko uski choot me ghusane laga. Jeebh jitna jyada ghusat
utna hi mera naak uski choot ke daane ko touch hota. Naak ki ragdan
se uski choot ka daana ek dum lal ho lar phool gaya. Uski siskariyan
badhati gayi. Uski siskariyan sun kar ab me usko chodne ke liye
utawala ho gaya. Uski jhangho ko phaila kar apne lund ko uski choot
ke lips ke beech me phansa diya.

Phir daant bheench kar ek tagda dhakka diya. Lund uski choot ko
chirta hua ek dum andar chala gaya. Dhakka lagne ke saath hi Rita ke
muhn se cheekh nikal gayi. Shayad kai dino se ya kai mahino se chudi
huyi nahi thi. “Uuuiiii … maaaaa …. Mar gayi me …. sambhalo… meri
choot phat jayegi …. ye … kya kar rahe ho … meri choot me dard ho
raha hai…. aise koi dhakka marta hai …. mardoge mujhe kya? arre arre.
aah….. hhhhh….. aiyaaa… iyaaaa…. ”

Maine uski cheekh ki parwah nahi karte huye apne lund ko adhe se
jyada bahar nikalte huye phir ek aur jor ka dhakka mara. Phir dhakke
par dhakke marta gaya. Uski dard bhari cheekhe ab payari cheekho me
badal gayi. Ab woh dhakke ka jawab dhakke se dene lagi.

“Jorse chodo mujhe ab …. Jor ka … dhakka lagao … poora lund daal daal
kar chodo mujhe.”

“Le meri raani .. kha … mere lund … ko …. kas … kas …. kar chodunga
tujhe me aaj …. khati jaa mere lund ke dhakke …. ”

Khoob sare dhakke khane ke baad usne apni choot ko sikod kar mere
lund ko jakad liya. Tabhi mere aur uske muhn se jordaar cheekh nikali
aur dono ek doosare par jhadte huye dher ho gaye.

13 Saal Ki Girlfriend

Ek din main cyber café se chatting kar raha tha. Us din 2 Oct. Tha aur chhutti thi. Chatting par main ek ladki se gap-shap kar raha tha. Usne bataya ki wo jind se chatting kar rahi hai to maine kaha main bhi jind se chatting kar raha hoon. Baat aage badhi aur sex par aa gayee. Thodi der tak chatting karne ke baad wo mujhse chudwane ke liye razi ho gayee. Maine uska naam poochha to usne apna naam Mini bataya. .Usne phir mera naam poochha to maine bhi apna naam bata diya. Usne mujhse contact karne ke liye kaha to maine poochha tum kis cyber café se chatting kar rahi ho to usne us cyber café ka naam bataya. Main chaunk gaya kyon ki main bhi Khareeb ke cyber café se chatting kar raha thah ..Ham dono ne milne ka programme set kiya aur ek din milne aaye phir .Wo mujhe apne ghar le gayee. Wo wahan par ek dam akeli rahti thi. Uska pati ek company mein UK mein kam karta tha. Wo 2 month mein sirf 3-4 din ke liye hi jind aata tha. Uska ghar bahut hi khoobsurat tha. Wo mujhe sofe par bithane ko kaha aur kapde badalne aur chaye banane chali gayee.





Lagbhag 10 minute beet chuke to main bechain hone laga. Maine TV on kar diya aur dekhne laga. 15 minute ke baad wo chaye lekar aayee. Usne kewal bra aur panty pahan rakhi thi. Uska badan ek dam gora tha. Wo bahut hi khoobsurat aur sexy lag rahi thi. Usne chaye table par rakhi aur meri god mein baith kar chaye banane lagi. Usne mujhe chaye di aur khud mere god mein hi baith kar chaye peene lagi. Uske god mein baithne se main josh mein aa gaya aur mera lund khada ho gaya. Usne bhi mere khade lund ko mahsoos kiya aur chaye peete huye apni chut ko mere lund par ragadne lagi. Mujhe bahut hi achchha lag raha tha. 2 minute mein hi humne chaye khatam ki aur wo mere upar se hat gayee. Usne mujhse kaha, “maine to saare kapde nikal diye lekin tumne abhi tak apne kapde pahan rakhe hain. Tum bhi utar do in kapdon ko.” Maine bhi apni chaddhi chhodkar saare kapde utar diye. Wo phir se meri god mein aakar baith gayee aur mujhe choomne lagi. Maine bhi uske hothon ko choomna shuru kar diya. Uske lips bahut garam the. Main uske peeth par haath phirane laga aur wo bhi mere hothon ko choomte huye mere peeth ko sahlane lagi. Mera lund ek dam uski chut se sata hua tha lekin beech mein uski panty thi. Maine uski panty neeche karni chahi to wo boli, “pahle tum apni chaddhi utaro uske baad meri panty utarna.”





Maine apni chaddhi utarne ke baad uski panty ko bhi utar diya. Phir maine uski bra ko bhi khol kar phenk diya. Ab hum dono ek dam nange the. Maine use bed par le ja kar bitha diya. Maine uske hothon ko choomna aur uski peeth par haath phirana shuru kar diya. Thodi der baad maine apni jeebh uske muh mein dal di aur ghumane laga. Mere jeebh nikalne ke baad usne bhi waisa hi kiya. Wo khoob maze se mere hothon ko choos rahi thi aur mere peeth par haath phira rahi thi. Thodi der baad maine apna haath uski chut par rakh diya to wo mujhse ek dam lipat gayee. Uski chut ek dam saaf aur chikni thi. Maine uski chut par haath phirate phirate apni ek ungli uski chut mein dal di. Uski chut ek dam geeli thi. Thodi der baad maine apni poori ungli uski chut mein dal di aur andar bahar karne laga. Usne bhi mera lund pakad liya aur sahlane lagi. 5 minute mein hi hum dono ek dam josh mein aa gaye. Maine use bed par lita diya aur uske pairon ke beech aa gaya. Maine apne lund ka supada uski chut ke beech rakha to usne apna chutad upar ki taraf utha diya. Maine ek dhakka lagaya to mera aadha lund uski chut mein ghus gaya. Wo boli, “jaldi dalo apna poora lund meri chut mein. Khoob chodo mujhe, meri is tarah Chudayee karo ki jaisa mere pati ne kabhi na ki ho, khoob zor zor se chodna mujhko. Aaj phad dena meri chut ko. Rukna mat.” Maine ek dhakka aur lagaya to mera poora lund uski chut mein sama gaya. Usne apne pairon ko mere kamar par kas kar lapet liya. Maine bhi uski chudayee tezi ke saath shuru kar di. Wo poore josh mein aakar bolne lagi, “ahhhh…. Bahut…. Maza….. Aa…. Rahaaaaaa…. Hai…. Chodo…… Mere… Raza.. Phad… Dalo… Aaj.. Is kutiya ki chut ko…aur….. Tez…… Tez….. Main uske chillane se aur josh mein aa gaya aur use ek dam toofan ki tarah chodne laga. Poora bed zor zor se hil raha tha. Is samay main ek dam satwein aasman par tha. Isi beech maine apna lund poora bahar nikala aur wapas ek jhatke mein hi uski chut mein dal diya. Wo chilla uthi aur usne mujhe aur zor se pakada aur lipat gayee. Wo poore josh mein aa gayee thi aur jahdne hi wali thi. 8-10 dhakkon ke baad wo jhad gayee. Mujhe koyee jaldi nahin thi. Maine apni position badal di aur use doggy style mein kar diya aur uske peechhe aa gaya. Maine apna lund uski chut ke beech rakha aur ek hi dhakke mein apna poora lund uski chut mein dal diya. Maine apni ek ungli uski gaand mein dal di aur bahut hi tezi ke saath uski chudayee karne laga.





Main usko itni tez chod raha tha ki wo apne ko sambhal nahin pa rahi thi aur zor zor se chilla rahi thi, “chodo mere raja, aaj meri chut ki chatni bana dalo, apna poora lund ismein dal kar khoob zor zor se chodo, apne lund ke paani se meri is pyasi chut ko seech do, mujhe is chut ne bahut pareshan kar rakha hai. Mera pati 2 mahine mein kewal 5-6 baar hi chod pata hai. Main bhookhi rah jati hoon. Aaj tum meri chut ka ghamand ek dam choor-choor kar do. Tum bahut achchha chod rahe ho. Aaj mujhe is chudayee mein jo maza aa raha hai utna mujhe apne pati se chudwane mein kabhi nahin aaya. Is chudayee ko use main zindagi bhar yaad rakhungi. Mere pati ne mujhe kabhi itna maza nahin diya. Mujhse bardast nahin ho raha hai, tum apne lund ka paani jaldi se meri chut mein nikal do.” Maine use bahut jyada josh mein dekha to maine apni poori ungli uski gaand mein dal di. Wo chilla uthi, “kya kar rahe ho, dard ho raha hai, mar jaungi main, mat karo aisa, mujh mein itni takat nahin hai ki main dono chhed mein ek saath bardast kar paoon.” Maine ek haath se uski chuchiyon ko masalna shuru kar diya to wo shant ho gayee. Wo apna chutad tezi se aage peeche karte huye mera saath dene lagi.





Ab tak mujhe chodte huye lagbhag 30 minute beet chuka tha aur mera bhi paani nikalne wala tha. Main use poore takat ke saath aur tezi se chodne laga. 2 minute mein hi mera paani nikla aur uski chut bharne lagi. Mera paani nikalte hi wo ek dam shant ho gayee jaise uski pyasi chut ko paani mil gaya ho. Is dauran uski chut se bhi 4 baar paani nikal chuka tha. Maine apna lund uski chut se bahar nikala to dekha ki uski chut ek dam sooj gayee thi kyon ki mera lund shayad uske pati ke lund se mota aur lamba tha. Uski choochiyan mere masalne se ek dam lal lal ho gayee thi. Main uske bagal mein let gaya. Hum thodi der tak waise hi lete rahe. 15 minute baad hi wo phir se chudwane ke liye tayyar ho gayee. Wo apni chut ko saaf karne ke liye bathroom jana chahti thi lekin wo khadi nahin ho pa rahi thi. Maine use sahara dekar khada kiya aur bathroom le gaya. Bathroom mein jakar usne pahle mera lund sabun lagakar saaf kiya aur uske baad wo apna chut dhone lagi. Hum bathroom se wapas aaye. Wo bed ke kinare par ek takiya rakh kar baith gayee. Maine uske saare badan ko choomna shuru kar diya. Wo josh mein aane lagi. Maine uski chut ko choomna shuru kiya to wo ek dam mast ho gayee.





Josh ke mare uski chut ek dam garam ho gayee thi. Maine apni jeebh uski chut ke andar dal di aur ghumane laga. Wo pagal si hone lagi aur usne mere sar ko kas kar pakad liya. Wo ek dam swarg ka maza le rahi thi. Wo boli, “chato mere raja, mere pati ne kabhi meri chut ko nahin chata, main bahut khush naseeb hoon ki mujhe apni chut ko chatwane ka maza bhi mil raha hai, meri chut ko chat chat kar iska paani nikal do, aaa… Bahut mazaaaa..rahaaa… Hai..Aur. Zor.. Se.. Bas.. Mera…Paani….. Nikalne hi Walaaa…. Hai.. Main aaa… Gayeeee…… Aur tez….. Tez….. Thodi der tak uski chut ko chatne Ke baad wo jhad gayee. Maine uski chut se nikla hua saar joos chat liya. Phir maine ek cream le kar uski gaand par lagaya. Cream lagane ke baad maine apna lund uski gaand ke chhed par rakha to wo boli, “plz, main pahli baar gaand marane ja rahi hoon, zara dheere dheere karna. Maine kaha, “theek hai.” Maine apna lund uski gaand mein dheere dheere ghusana shuru kiya to wo siskariyan bharne lagi. Abhi tak kewal mera supada hi uski gaand mein ghusa tha. Maine thoda zor lagaya to mera lund uski gaand mein 2″ tak ghus gaya. Wo rone lagi to maine apna lund bahar nikal liya. Wo kuchh samajh nahin payee. Maine apna lund phir se uski gaand ke chhed par rakha aur poore takat ke saath ek dhakka laga diya. Mera aadha lund uski gaand mein ghus gaya. Wo bahut zor zor se chillane aur rone lagi. Maine uski koyee parwah nahin ki aur poore takat ke saath ek zordar dhakka aur mara.
Mera poora lund uski gaand mein ghus gaya. Wo bahut zor zor se chillane lagi aur apne sar ke baal nochne lagi. Main ruka nahin aur maine apna lund uski gaand mein tezi ke saath andar bahar karna shuru kar diya. Thodi hi der baad uska dard kam ho gaya aur use gaand marane mein bhi maza aane laga. Wo tezi ke saath apna chutad aage peechhe karte huye gaand marane lagi. Lagbhag 30 minute baad main uski gaand mein hi jhad gaya. Jab mere lund ka poora paani nikal gaya to maine apna lund uski gaand se bahar nikala. Uski gaand ek dam chaudi ho chuki thi. Uske baad hum dono let gayee aur aaram karne lage. Usne us din mujhe ghar nahin jaane diya. Poori raat wo mujhse chudwati rahi. Maine us raat uski 4 baar chudayee ki aur 2 baar uski gaand bhi mari. Aaj tak wo apne pati ke na rahne par mujhse khoob chudwati hai.

Beti Ne Maa Chudwai

Main Mahip (30, Indore) sexvex ke niymit redar`s hu. Lekin pahli baar aap logo ke pass ek sachi Kahani pesh kar raha hun, Aasha hain yeh kahani aap logo ko pasand aayegi. Mai 6 saal pahle Indore aaya to maine ne ek sushikshit pariwar se bharpur pariwar me paying guest ki hesiyat se rahane laga. Us parivaar me mere alava unki badi ladki Pinky aur pinky ke mammi Rukmani our papa Suresh Agrawal rahate hain. Pinky ke Papa Indore sahar me ek Cotton co. Me kam karane ke karan adhikatar tours parhi rahate hen.. Yah pariwar wale muze apne bete jaisa hi man kar meri khidmat kar te the aur muze apne pariwar ka hi ek sadasya samaj te the Unke ghar ka mahol shuru se hi bada khula hua tha ghar me Pinky ki maa ko mai Aunty kaha kar pukarta tha aur Pinky ko did, aamtor par Pinky aise kapade pahanati thi jo ki koi aur log shayad bedroom me hi pahanana acha samaze. Halanki uski maa Rukmani hamesha saree-blouse pahanti thi.
Aunty aur Pinky didi ghar me mere samne hi apne masik (MC) se sambadit bate karti jaise ke aaj mera pahla din hai, ya Pinky ko bahut pareshani mahsoos ho rahi hai yaa jyada blooding ho raha hai etc. Aamtor par Aunty aur punam didi mere samne hi kapde badalane me koi jyada sharm sankoch nahi karti thi, Ek bar Pinky didi ki sabhi saheliya holi khelane hamare ghar ayi to me dubak kar darwaje ke piche chup gaya, tab kisi ko nahi malum tha ki me ghar me hi chupa hua hun, kher Pinky didi aur uski saheliyo ne vaha par ghar ke dinning hall aur bathroom ke pass me kafi nanga pan machaya, ek dusre ke kapde phadate hue lagbhag nangdhadang position me ek dusre ke upar rang lagaya, Holi ki Dopahar ko Aunty bhi mohalle walo ki ger se rang me sarabor hokar ayi aur muze bina rang ke dekh Pinky didi se kahne lagi ki es bechare ne kya paap kiya hai jo ise sukha chhor diya, aur Pinky didi ko ishara kar muze pakaddkar gira diya aur mere pure sharir par rang laga diya, Pinky didi ne to rang kam padne par apni sharir ko hi muzse ragadana shuru kar diya. Main pahale naha dhokar aaya uske bad Aunty aur Pinky did dono ek sath Bathroom me nahane lagi. Muzse raha nahin gaya aur mai chori chupe bathroom me dekha to done kewal panty pahan kar ek dusare ki chuchion par laga rang chhuda rahe the yeh dekha to meri ankhen phati ki phati raha gayee
Kuchh hi mahino bad Pinky didi ki shadi Ratlam me ho gayi aur vah apne sasural chali gayi, kuch mahino ke bad garmiyo ke mahino me Pinky didi kuchh dino ke liye apni maa ke pass rahane ke liye aayee. Jijaji Pinky didi ko chhor ne ke liye do dino ke liye aaye the. Maine dekha ki Pinky didi sadi ke bad ab aur jyada bindas sexy aur kamuk ho gayi hai, aur kyo na ho ab uske pas licence jo tha, mene jijaji ko bhi kafi khule vicharo vala paya. Sham ko khane ke baad unhone apne Honeymoon ke photographs dikaye jisme vah dono Goa ke samundra kinare bikani aur swimming costumes me hi nazar aye. Achanak bijali gul ho gayee aur kafi der tak nahin aayee isliye us raat hamne upar chhat par sone ka plan banaya. Chhat par ek lohe ka palang padha hua tha jis par jijaji ne muze suladiya, aur vah dono etni garmi me andhere me chipak kar so gaye.Thodi der baad jab andhere me dikhane laga to mene dekha ki Pinky didi jijaji ke unka 7 inch lamba land pakadkar masti se hila rahi thi aur bar-2 unka land chus rahi thi, unki sexy chumachati aur hone vali khusphusahat ke karan mera 6 Inch lamba land bhi tambu jaise tana hua tha, aur phat kar bahar aa jane ko ho raha tha, tabhi Didi boli ki use bathroom aa rahi hai to jijaji ne muze awaaj lagai, lekin me ankhen band kiye hue nind ane ka bahana banai pada raha to Didi boli ki shayad so gaya hoga, Tab Pinky didi uthi aur bed par se hi apni panty hips ke niche utarti hue chatt ke kone me peshab karne beth gayi, aasman ki haljki roshni me uske gore-2 aur bade-2 chutad chamak rahe the jinko dekh kar jijaji bhi uthe aur apni Lungi ek aur phek V shape ke Underwear me se apna lund nikal kar punam didi ke chutado ke thik piche land laga kar mutane beth gaye, aur apne dono hanthon se sexy didi k chuchion ko dabane lage. Iske baad to voh dono khade-2 hi andhere me chudai karne lage Pinky didi ki madhoshi me kamuk sanse aur awaze muze pagal bana dene ke liye kaphi thi, me apni adhi ankhane band kar yah sab dekh raha tha, aur na jane kab meri ankhan lag gayi, subah lagbhag 5 am par thandi hawaon ke karan meri ankh khuli to mene dekha ki Pinky aur jijaji ek dusare par chad kar soye hue the, shayad sex karne ke baad unki need lag gayi aur vo apne ko vyavsathith bhi nahi kar paye. Pinky didi ki panty to peron me padi thi aur uski nighty uske nange kamar par chadi hui thi, jijaji bhi pure nange the aur unka Sikuda lund didi ki halke kale balo wali chut mese bahar latak raha tha, aisa sin dekh mene sabse pahle to lapak kar muth mari aur uske baad apni sexy Didi ki chuchion ko dekhane ki koshish ki lekin jijaji ke sine se dabe hone ke karan muze kuch jyada nahi dekhane ko mila.

Subah karib 9 baje mai utha to dekha Didi aur jijaji uth chuke the main naha dhokar fresh hokar hum sab ne saath me nasta kiya. Didi aur jijaji aane ke karan Aunty ji ne muze kaha uncle nahin hai ghar me to Dinu tum ek hafte ki daftar se chhuti lelo isliye maine ek hafte ki chhuti le li thi. Subaha din bhar hum tino ne picture hall me picture dekhi aur kai jagah ghumane bhi gaye jab saam ko 7 baje hum gar lote to maine aur jijaji ne wishky pine ka plan banaya aur jab wishky pee rahe the ki achanak jijaji ke office se phone aaya ki unhe kal kisi bhi halat me aakar report karni hai to jijaji subah jaldi jane ka program bana liya. Jab didi ko pata chala ki jijaji kal subah he jaa rahe hai to wo udas hogayee. Hum log bhi jaldi se khana khakar jijaji ka bag tayar kar kar chhat par sone chale gaye. Kal raat ki tarah hum logo ne apna bistar laga kar so gaye. Karib ek ghante bad maine Andher me mene dekha ki aaj bhi Pinky didi jijaji ko jyada pareshan kar rahi thi apni nighty jhango par chada kar panty utarkar apni rasili chikani chut ko jijaji ke muh par rakh kar unka land muh melene ki jid kar rahi thi, lekin jijaji din bhar ki thakan ke karan sone ke mood me the, aur unhe subah jaldi jana bhi tha,Jijaji jab so gaye to jiji bhi apni chut ko haath se ragadati hue so gayi, bechari kya kar sakti thi,

Agli subah jab aunty ne muze uthaya aur kaha Mahip tumhare jijaji ko train me baith kar aajao to mai jaldi se fresh hokar naha dhokar tyar hokar jab didi ke kamare me gaya to dekha ki Pinky didi jijaji se ek bar maje dene ka kah rahi thi aur bol rahi thi ki apke bina mera man kaise lagega i to jijaji bole ki tere dinu bhai ne ek hafte ki chhuti le li hai isiliye Mahip ka sath rahega to muze kisi bat ki phikra nahi ahegi. Aur Pinky didi aur mai jijaji ko train me baithane ke liye chal pade. Jab train chhuti to punam didi badi udas si ho gayi. Jab hum ghar lote to nasta karne ke bad hum boar ho rahe the to Aunty ne hume sujav diya ki Mahip Tum aur Pinky aaj kamare ki safai kar lo tab tak mai khana banati hun is se tumhara man bhi lag jayega.Maine Barmuda aur T.shirt pahan lee aur Punam Didi ne white patale kapade ka kurta pahan rakhi thi aur niche Lungi jisme se uski gorii-2 safed jhanghe jhak rahi thi, vah lambe wale stool par chadi hue thi,aur me niche se usse saman le ta ja raha tha, Didi ka kurta short sleeve ka tha jisme se Didi ke mote-2 stan kabhi kabhar dikh jata tha, aur kali-2 chuchiya bahar se hi dikhayi de rahi thi unhone bra Nahin pahani thi ,kabhi-2 vah muze dekh kar apne hanthon se apni chut ko ragadane lagti, jab Wo saman lene ke liya hath uthakar saman utar tithi to, Haath uthane se uski under arms ke kaale-kaale ghane baal dekh mera land tantana suru ho gaya, ganimat thi ki mene barmuda pahan rakha tha, kai bar heavy saman hone ke karan didi ka stool par balance nahi banata to vah apne pero ko choda kar pas ki almari Par pair rakhti tab to uski panty jo ki white colour ki thi aisi dikhati mano abhi use khol kar land dal dun,Bich-2 me pani pite samay Didi shayad jaanbuz kar apni safed mahin kurt par pani dhol leti jisse uske chuchion ke nipples saaf dikhayi dene lagte kher kisi tarah hum dono ne kamare mi saaf safai ki aur nahakar khana khaya. Aur dopahar ko thodi der aaram karke hum sham ke samay hum bazaar ghumane nikal pade jab hum ghar lot rahe the to didi boli Dinu bhai aaj tumahare jijaji gaye tab se mera mud kuch ukhada ukhada huwa hai aur mud thik karne ke liye kya tum mere liye beer la sakte ho. Phir mai dukan jakar karib 5 beer ki bottle le aaya. Aur jab hum karib 7:30 baja ghr pahunche to aunty khana bana rahi thi aur mai aur didi chhat par jakar beer pine lage.
Karib ek 2 beer pine ke bad didi kahne lagi ki muze jor se peshab aa rahi hai aur bina kisi sharm ya parde ke usne mere samne hi usne apni panty khol di aur nighty uncha utha kar apni moti-2 gand dikhati hue vah chhat ke ek kone me jakar mutne beth gayi, uski mutne se jo jhar-jhar ki tej awwaz peda ho rahi thi vah sun me bahak sa gaya aur unki moti-moti gand ko ektak dekhane laga shayad didi samaj gayee thi ki mai uski aur muh kar ke usko mutate huwe dekh raha hun tabhi usne muh ghumakar meri aur dekha aur ek ankh markar sexy awwaz bana kar kahne lagi ki aaja sharmaye mat mere pas aakar tu bhi mut le, main janati hun tum ne us raat chhori chhori chhupake chhupake muze aur tere jija ko mutate huwe dekha tha yah sunkar mai sakpaka gaya lekin phir bhi himmat karke didi ke thik paas me beth gaya aur apne khade huwe mote aur lambe babu rao ko kaid se nikal kar mutne laga, Didi zuk-2 kar mera land phati-2 ankhon se dekhane lagi aur boli bhayya tu to vastav me pure mard ho mummy aur me tuze yu hi chhota samazti thi. Tune abhi tak apne auzar ko kahi try kiya hai ya yuhi tez dhaar dar hathiyar lekar ghumata rahta hai, Didi ki isi baten sun me chup sa ho gaya aur idhar -udhar dekhane laga ki kahi koi dekh to nahi raha hai, lekin andhera dekh bephikra ho me sidha khada ho gaya, mutne se bada halka pan mahsoos ho raha tha Didi ke man me kya hai yah me ab tak samaj nahi paya tha, kyoki mera dimag ne to Didi ke mote mote chutado ko dekh kar hi kam karna band kar diya tha.
Kher kisi tarah khana khane ke bad wo aunty ko boli Mummy aaj badi garmi hai chalo chhat par ja kar sote hai. Tab aunty boli niche koi nahin hai mai aangan me soti hun tum bai bahan upar chhat par so jana. Phir hum chhat par aakar dono palango ko karib karib (Thoda sa gape rakh kar) sone lage to didi boli dinu neend nahi aarahi hai aur didine apna asli jalwa dikhlana shuru kar diya, usne bade sexy andaaz me muze dekhate hue apne blouse ko khol diya, jisme se uske dono gadraye hue mast kabutar phadphada kar bahar aa gaye, unko hatho se sahlate hue vah kahne lagi ke dekh bhaiya inko bechare ye bhi garmi ke karan kaise kumhla gaye hai, aaj tere jijaji hote to ab tak to inhe muh me lekar taja dam kar dete, isi vahiyat bat sun mere ko esa current laga ki mene bhi socha ki jab punam didi sankoch nahi kar rahi hai to kyon na dikha du apni mardangi.Didi ke dono chuchion par itna tight blouse pahanane ke karan lal rang ka nishan sa pad gaya tha, Didi ne dheere se apni sari aur petokot bhi khol diya aur nangdhadang nangi ho phir se mutne beth gayi, mutne ke liye uthate bethate samay uski chut ka jo nazara muze peeche se hua vah vastav me mere jeevan ka ajibogarib nazara tha, jis ke bare me band Kamre me aankhen band kar apne lund ko ragadata tha aaj vahi chij mere samne parosi hui si malum Pad rahi thi, me bhi sharm sankotch chhor didi ke bilkul paas jaa khada hua.Ab Didi puri nangi awastha me apne palang par aakar aur haath hila kar muze bhi bulane lagi, me jaise hi unke palang ke pass gaya to Didi ne zhat se meri lunghi aur V shape underwear khich nikali, aur muze bhi apni tarah madarjat nanga kar palang me khech liya, aur kahne lagi ki is becharepar kuch taras kha, itni garmi me ise itne tang kapdo me rakhega to iska kya haal ho ga tu nahi janta, is bechare ko thodi hawa pani dikha ki jarurat deni chahiya aur haste hue didi ne muze apne upar gira liya, ab hum dono ke nange jism ek dusre se ragda rahe the, Didi ke kamuk badan ne to mano muzhe sammohit hi kar liya tha, aur me lagbhag andhe ke saman vahi karta ja raha tha, jo voh muzse chahti thi, usne mere dono hantho ko pakada kar apne chuchion par rakh diya, aur kahne lagi ki please bhaiya, jaldi se in kabutaro ko muh me le kar chuso nahi to me mar jaungi, aur ek haath se apni chut ko ragadane lagi, kuch der uske chuchion ko chusane ke baad mene bhi apna ek haath uski chut par rakh diya, tomuze uski chut ki garmi mahsoos huyee, apni ungaliyo ko didi ki chut me ghusate hue muzhe bada maja aa raha tha, aur me lagbhag paglo ki tarah punam didi ki chut ko ragad raha tha, jis karan usme se halka sa garm chikana madmast ras nikalta sa mahsoos hone laga, me is ras ko apne muh me pina chahta tha, lekin didi ko kahne se dar raha tha, tabhi didi mano mere man ki iccha bhaap gayi aur vah mere upar chad gayi aur mere lund ko muh me lekar icecreme ki tarah chusane lagi, usne apni ras bhari chut ko mere muh ke paas kar diya, hum dono 69 ki position kar ke mai bhi Pinky ki chut ko muh me lekar chusane laga. Wo lund chusane me mahir thi.

Karib 15 minutes tak lund chusai ke bad maine Pinky didi se bola ki please , thoda ruk-ruk kar chuso, nahi to tumhara muh kahi kharab na ho jayega, to vah jor-2 se haste hue boli ki tere jijaji to roz hi mera muh kharab karte he.K her koi bat nahin jab tera dil chahe mere muh par lund se pichkari chhor dena, kuchh hi der me didi ki mast rasili chut sikudane lagi aur wo mere sir ko chut par dabadne lagi aur unki chut ka majedar namkeen pani mere muh par chhor diya aur apni ankhon ko mund kar muh se ajib si siskariya lene lagi thi. Mera lund ne abhi tak jawab nahin diya aur Jab Uska man chuma chati se bhar gaya to kahne lagi ki chal ab jaldi se apni pyari didi ko chod de, aur aisa kah wo apne tango ko phailate huwe apni chut ko choda kar boli phad de bhai apni didi ki chut ko tere is mote aur lumbe land se, iske baad me maine apana lund ka supada unki chut par rakh kar i chut me jor dar ghusaya to vah bilbila uthi aur kahne lagi ki aisa land to mene apne jeevan me kabhi nahi khaya, yadi aaj yaha mummy hoti to… Aisa kah vah masti me ankhan band kar chup ho gayi aur us vakt to me yah sun kar chup ho gaya kyoki me bhi es pal ke maze ko bhulna nahi chahta tha, lekin kuchh minuto ke dhakko ke baad mene usse puch hi liya ki aisa land kabhi nahi khaya aur mammi hoti to, iska kya matlab he.

Kya tumne jijaji ke alaava aur bhi land khaye hai, to voh haste hue boli ki ab tuzse kya chupana,mummy shuru se hi papa ki ger mozudagi me apni javani ki garmi ghar me muze padane aane wale teacher se aur mere chachere mama se mitwati thi, jab me yah raj jaan gayi to mumy ne muze bhi khuli azadi de di aur kaha ki keval chuninda logo se hi maza lo jo ki khud ki izzat bachane ke saath-2 hame bhi badnaam na kare, nahi to hum maa beti kisi ko muh dikhane ke kabil nahi rahegi, Phir maine dhanadan kas kas kar dhakke mar kar uski chut chod raha tha. Wo bhi jawab me apni gand utha kar mera lund jhad tak apni chut me lete huwe boliyah hum maa beti ki kismat hi kharab thi jo ki tum jaisa gabru jawaan mard ghar Me hote hue hum dono tarasati rahi, Eske baad jab tak didi rahi mai raat din punam didi ko chodata raha. Uske jane bad ab bina chudai ek raat katna mere liye bhi asambhav sa lag raha tha, kyoki aisi mast chut kha kar mera lund bhi ab aur chut ki chudai ke liye tarasne laga. Main sankoch ke mare punam ki mumy yani ki aunty ji ko chodane se ghabra raha tha Ek din Pinky did ka phone aya, aur usne muzse pucha ki tune ab tak kitni Baar mummy ko choda to jab mene kaha ki mene to Aunty ki taraf dekha bhi nahi to usne matha pit liya, aur kahne lagi ki ab kya me vaha aakar tere lund ko pakadkar mummy ki chut me dalun ? Me kuch bol na paya, to usne kaha ki chal mammi se baat kara, mene mummy ko phone de diya aur me kamre se bahar chala gaya, mummy bahut der tak Didi se baat karti rahi. Raat me Garmi kuchh jyaada hi thi, es karan me lungi aur baniyan pahankar T.V.dekh raha tha, ki Aunty bhi hall me hi aa gayi aur boli ki ander bedroom to mano bhatti sa tap raha hai, me bhi yahi cooler ki hawa me so jati hun aisa kah Aunty ne mere bed ke pas hi apna bister laga liya aur sone lagi.

Saturday night hone ki vajah se me bhi late night TV dekh raha tha kyoki agle din Sunday ke karan kisi baat ki jaldi nahi ahti aur me der tak sota rahta hun. Tabhi mene gor kiya ki Aunty jo ki mere samne hi jamin par bister par soyi hue the , ne achanak karvat li aur madak andaaz me apna haath apne blouse me dal kar apne saree ke palle ko apne sine se hata diya, aur wapas sone ka natak karne lagi, jab mene Aunty ki taraf gor se dekha to mene paya ki unhone abhi jo blouse pahana tha uska gala itna deep tha ki usme se unke aadhe se jyada stan bahar aa rahe the jab unka palla sine se hata to me aunty ke blouse ke huko ko dekh acharaj me pad gaya unke blouse ke keval tin huk lage the, iska matlab aunty ko yah idea Punam didi ne hi diya hoga, mene jab gor kiya to paya ki blouse me unhone bra bhi nahi pahni thi, ki tabhi aunty ne phir karvat badli aur is bar apne pero ke aise uthaya ki unki saree unke ghutano ke upar ho gayi aur unki gori gori jhang dikhayi padne lagi.Ek to TV par chalati sexy movie aur upar se mere itane paas aunty ko es haal me dekh mera haal bura ho raha tha, aunty bhi garmi ke karan bechain lag rahi thi, tabhi aunty boli ki beta cooler bhi mano aag ugal raha hai,pure kapde pasine me bhig rahe hai.Need hi nahi lag pa rahi hai, to me himmat kar ke bola ki aunty ek kam karo, thode kapde utarlo, raat me kon dekhata hai, aap chaho to me chhat par so jata hun, to aunty boli ki ha beta yahi thik rahega, aur tu bhi yahi cooler me soja, tuzse kaisi sharm, bas zara light off kar de, tab mene turant light off kar di aur TV dekhane laga, to Aunty uthi aur usne apni saree khol kar ek taraf rakh di aur samne ke bathroom me peshab karne lagi, shayad unhone jaanbuzkar bathroom ka darwaja band nahi kiya, mene tirchhi nigahen se dekha to unki moti-moti gaand ke darshan ho gaye, jab wo wapas aayee to wo keval Petikot blouse me so ne lagi.

Aur boli Mahip beta, jara mere pairo me tel to laga do to mai tel ki shishi le aaya to dekha unka petikot to pahle se hi ghutano tak utha hua tha, maine unke pairo par tel laga kar malish karna suru kiya to wo boli ki ha ab aram lag raha hai lekin sara badan darad ho raha hai to maine kaha ki aisa karo aap chit let jaye to mai aap ke pith me bhi malish kar deta un to unhone thoda zepte hue blouse ke sabhi huko ko khol diya aur chit let gayee, ab mai unke kamar par tel lagar kar malish karne laga aur bich bich me meri hatheli unke chuchion ke side me bhi lag rahi thi, iss umar me bhi aunty ke stan etane bhare huwe aur kadak the ki muze bada asharya hua, mai tel lagate lagate unke kamar tak aa gaya aur phir mene,unke Muh se halki si madak awaz sunai dene lagi aur unhone apni ankhen band kar rakhi thi ab unhone kaha dinu beta jara piro ki pindali me aur tel laga do yeh kaha kar wo pith ke bal let gayee maine dekha jab wo sidhi soyee thi to unke blouse ke sare hook khule the aur unki chuchiyan unki sanson ke sath upar niche ho rahi thi yeh dekh kar mar lauda to khada hokar lungi se bahar aane ko betab ho gaya phir Mene bhi moka tad kar pairo ki malish karte karte petikot me hath dalna shuru kar diya, aur apni ungaliya unki jhangho par phirate hue unki tango ko phaila diya jis se unka petticoat thoda upar sarak gaya aur muze unki chut ke darshan hone lage maine dekha ki chut par khoob ghane kaale-kaale bal dikh rahe the phir Maine himmat kar ke unki chut to touch kiya to unohone apne pure badan ko kadak kar halki si uchak gayi lekin apni ankhen nahi kholi. Phir maine dheere dheere unki chut ki dararo ko ungali se sahalana suru kiya phir mene moke ki nazakat ko bhanp kar apna ek haath unke stano par rakh unko jor-2 se mutththi me bhichane laga, unk dono chuchiyan kadak hokar phool gayi thi, aur mai unki armpit jisme ghane bal the ko choomne laga. Unki armpit se aa rahi madak khusbu ne mera land raad jaisa khada kar diya, ab unne muze apne karib sulate huwe meri lungi khech kar mere lund ko bahar nikal liya aur use muh me lekar jor-2 se chusane lagi, maine bhi unko apne sine par khech kar uski chut ko khub chusa, ab to sari maryadaye chhor ke nisankoch aunty ki chut chatai karne laga unki chut itni tight lag rahi thi mano barso se pyasi ho.

Jab wo garam ho gayee to wo boli- Mahip beta, ab mujhase raha nahin jata. Dal do tumahara ghoda meri pyassi chut me aur maine unke pairon ko failate huwe apana lund chut me dal kar chodana shuru kiya aur karib 20-25 minutes tak unhe chodata raha is darmiyan wo 2 baar jhar chuki thi Aunty chudawate samay badi ajeeb si gandi-2 baten aur galiya bake ja rahi thi, jise me bhi unsuna kar chudai ka majja le raha tha, wo beti se bhi jayada chudakad mahila thi karib raat 4 baje tak maine unko 3 baar kai asano me choda aur 2 baar gand bhi mari. Subah jab utha to wo mere bagal me bilkul nangee soyee thi aur unki chut mer mote aur lambe lund ke karan pul kar suj gayee thi. Meri kahani kaisi lagi mujhe mail par jaroor batana taki mujhe aage likhne ko protsahan mile. Agar kisi Indore-Bhopal ya iske aaspas ki mahila ke chut men chudayi ka khyal aa raha ho to mujhe (sms2727@rediffmail.com) pe email kare. Agar koyee mard land bada, mota, kada, ya uski masage karwana, chuswana chahe, ya apne aurat ko apne samne chodwate huwe dekhna chahta ho, ya mujhe dikha kamuk mahol banakar chodna chahta ho to iske liye bhi swagat hai. 25-45 ki apne pati se unseticfide, widhwa, job karne wali, udhdhyogpatiyo ki unseticfide biwiya, club ki lady, mahilaye boobs bade, tite masage ke dwara karwana chahe, ya chut ya armpit chatwana chahti ho ya poore shareer ki malish karwana chahti ho to mujhe jaroor

Ek Ghar Ki Blue Film

Main aaj se ek hafta pehle hostel se ghar vapis gaya to meri zindagi hi badal gayi. Main apni padhayi khatam kar chuka tha aur apni behan aur maa ke pass ja raha tha. Maine photography ka course pura kar liya tha. Main apni maa Girja ka 19 saal ka beta hoon aur meri maa 41 saal ki hai. Meri behan Neerja 21 saal ki hai aur ussne abhi shadi nahin ki hai. Mere pitaji ki maut ho chuki hai aur unke insurance ke paise se hamatra guzara ho raha hai.

Padhayi ke dauran mera sampark ek adami se hua tha jo ki blue films ka business karta hai aur mujh se achhey bhav mein achhi blue films kharidne ke liye taiyar tha. Ussne mujhe bola tha ki group sex ki films bahut bikati hain. Lekin meri problem ye thi ki blue films ke liye sexy actress kahan se loon.” Sale Nikhil, mausi ya apni behan neerja ki kissi saheli ko razi kar lena aur agar ladka na mile to mujhe role de dena. Tu hi kehta tha ki teri behan bahut sexy hai. Usski saheli bhi kam nahin hogi.

Teri film ban jayegi aur mujhe teri behan ki sexy saheli chodne ko mil jayegi. Kion kia khyal hai?” Mera mausera bhai Alok mujh se bola tha aur main hans kar reh gaya tha, lekin maine usske idea ko yaad rakha tha. Ab main aap logon ko apni behan aur maa ke bare bata deta hoon. Meri maa Girja 5 feet 5 inch ki hai aur usska vazan 52 kilo hai. Rang gora, kulhe bhari, pet slim, chuchi ubhari hui.

Maa ke baal kale aur lambe hain aur vo jura karti hai. Girja adhiktar churidar pajama aur kamiz pehanti hai. Usski kamiz kafi tight hoti hai jiss karan usske chuttar ka ubhar nazar padhta hai. Main kayi bar sochta hoon ki pitaji ke baad Girja ko lund ki kami satati hogi aur vo na jane kaise apni chut ko thanda karti hogi. Lekin maine isske bare adhik dhyan nahin diya kion ki Girja meri maa thee. Lekin ab jab main blue film ka business karne wala hoon to mujhe apni maa bhi ek blue film ki actress hi nazar aane lagi hai.

Neerja 5 feet 6 inch ki sexy ladki hai aur chhoti skirts aur tight tops pehnti hai aur ya fir bahut tight jeans pehnti hai. Meri behan ki gaand Girja se thodi kam bhari hai aur chuchi kuchh chhoti, lekin bahut mast hai. Neerja ki chuchi koi 34C size ki hogi. Hostel mein kai bari mujhe apni behan ki yaad aa jati to mera lund kada ho jata aur main muth mar liya karta tha. Main apne man mein blue film ke business ki plan bana kar sapne dekhta hua ghar ja raha tha.

Mere bag mein make up ka saman, alag alag kism ki wigs, kuchh plastic ke lund (Dildos) bhare huye thay. Main ladkion ko alag shakal mein apni blue film mein shamil kar sakta tha. Jab main ghar pahuncha to darwaza Girja ne khola. Vo mujhe gale se lagati hui mujh se lipat gayi aur pyar se mujhe chumne lagi,” Nikhil beta tujhe dekhne ko to meri ankhen taras gayi. Ab apni maa ko chhod kar kahin mat jana, mere lal!

Girja uss wakt pajame ke upper ek tight Tshirt pehne hui thee aur ussne neechey se bra nahin pehna hua tha. Meri pyari maa ki mansal chuchi mere seene mein dhans rahi thee jiss karan mera lund pant mein tamboo banane laga tha. Main jan bujh kar apne haath Girja ke chuttar par firane laga. Maa ko shayad mere lund ka ubhar apne pet par mehsoos hua. Issi liye vo mujh se alag hoti hui boli,” Beta, tu to pura mard ban gaya hai. Kitna bada ho gaya hai ter…tu!” Main bhi jhemp kar apni maa se alag ho gaya. ”

Tu apna saman apne room mein rakh kar aa ja mere room mein. Teri Mamta mausi bhi aayi hui hai. Hum wahin par chai peeyen ge.” Mamta mausi maa se 2 saal chhoti thee. Alok Mamta ka hi beta tha. Maine saman rakha aur Girja ke room mein chala gaya. Mamta ka pati Hari Ram ek sharabi adami hai lekin Mamta mausi ek patakha aurat hai. Gori chiti, mansal jism ki malika, kale ghane baal, mast bhari bhari chuchi, nashili ankhen, bahut matakdar chuttar. Maine suna tha ki sex ki bhukhi aurat hai Mamta aunty.

Mamta aunty mujhe pyar se gale laga kar milli.”Aunty aap to pehle se bhi adhik sexy lag rahi ho. Kia baat hai? Lagata hai uncle bahut khyal rakhte hain aapka” Maine jan bujh kar aunty ki chuchi par haath ferte huye kaha.” Tere uncle agar kuchh karne layak hote to baat hi kia thee, beta. Vo to bas sharab pee kar kaam kharab karne wale hain. Ab to mere ghar ka guzara hi bahut mushkil se hota hai. Paise ki bahut tangi hai. Agar koi kaam mile to mujhe dila do. Sach beta kuchh bhi karne ko taiyar hoon”

Maine ek bar fir aunty ki mast chuchi ko sparsh karte huye kaha”Aunty, meri film mein kam karogi? Lekin meri film kuchh adult type ki hogi. Agar aap jaisi koi aur bhi sexy aurat ho to aur bhi achha hoga. Paise bahut milenge. Sach kahun to meri film asal mein blue film hogi. Agar manzur hai to bata dena” Aunty muskura kar boli,’ Nikhil beta, meri badanami hogi agar kissi ko pata chala ki main essi film mein kaam karti hoon. Aur iss ke ilawa, kaun sa mard kaam karega iss film mein, agar main razi ho bhi gayi to?”

Maine ab aunty ki chuchi ka kas kar masal diya aur bola” Aunty tum chinta mat karo. Koi aapko pehchan na sakega. Main aapki shakal badal doonga aur vaise bhi ye film India mein nahin bikegi. Han iss film mein main aur shayad ek aur ladka kam karega. Mujhe aur bhi ladkian chahiye iss kam ke liye” Aunty khush ho gayi. Tabhi maa kamre mein dakhil huyi. “Kia chal raha hai tum dodno ke beech, beta?

Tum ne to Mamta ko khush kar diya itni jaldi. Bahut udas thee bechari. Ek paise ki kami aur dusra pati sharabi. Bina pati ke zindagi kaisi hoti hai tum kia jano, Nikhil beta! Alok ko bhi to job nahin mil rahi.”Aunty ne Girja ko aankh marte huye kaha” Girja, meri jaan, tera beta to mere liye vardan ban kar aaiya hai. Issne mujhe apni film mein role de diya hai aur jiss tarah ki film hai ussmein maze ke maze aur paise ke paise.

Girja tera beta to blue film bana raha hai jiss mein khud bhi kam karega. Maze ki baat to ye hai ki iss ki bikri India mein nahin hone wali. Main to kehti hoon ki Girja bhi iss film mein kam kare. Nikhil beta ghar ka paisa ghar mein rahega aur teri maa ki chut bhi shaant ho jaye gi. Kab tak hum ek dusre ki chut ko ungli se shaant karti rahengi? Main aur Girja dono lund ki pyasi auraten hain, beta. Tum agar chaho to aaj hi film shuru kar dena, kion Girja?”

Mamta  ki baat sun kar mera lund khada ho gaya. Maa ke samne essey baat kar rahi thee ki Girja sharam se pani pani ho rahi thee. Mamta ne uth kar meri pant ki zip khol dali aur mera lund bahar nikal liya. “Girja dekh tera beta kitna jawan ho gaya hai, baap re baap isska hathiyar kam se kam 9 inch ka hai. Zara sparsh kar ke to dekh, Girja!” Maa gussey mein boli,” Mamta!!!! Kuchh sharam karo!

Nikhil mera beta hai besharam!” Lekin maine dekha ki maa ki nazar mere lund par tiki hui thee. Maa ka dupatta sarak gaya aur usski sudol chuchi nazar aane lagi. Maine maa ki ankhon mein dekha to mujhe vasna ki jhalak saaf dikhayi padi. To matlab saaf tha. Aj hi maa aur mausi ko le kar pehli blue film bana dalunga! Maine Mamta ko kiss kar liya aur vo mujh se lipatne lagi. Vasna mein jalti hui meri maa ab hamare pass aa baithi aur Mamta se boli,”

Lekin ye theek nahin hai, Mamta. Nikhil beta kia ye sach hai ki humko koi pehachan nahin sakega?” Maine maa ko apni god mein kheench liya aur usski chuchi ko beench kar bola,” Sach bolta hoon, kissi ko pata na chalega. Tum mera yakeen karo. Mere pass make up ka saman hai jiss se main tum logon ki shakal badal doonga aur aapko to Neerja bhi pehchan na payegi” Girja meri baat sun kar mast ho gayi aur Mamta mere lund ko sehlane lagi. Lekin main bina kuchh kiye jharna nahin chahta tha.

“Maa, tum dono mer kamre mein aayo aur main aapka make up kar deta hoon aur Alok kp phone bhi kar leta hoon. Vo bhi mere sath blue film mein kam karega” maine kaha. Pehle to Mamta ne na nukar ki lekin fir aur dono auraten taiya ho gayi. Apne kamre mein ja kar maien kaha,” Mausi ab jaldi se kapde uttar do aur mujhe apne nange husan ke deedar karwa do.” Dono dheere dheere nirvastar hone lagi. Meri maa ka mansal jism nanga ho kar meri nazaron ke samne aa gaya.

Jab maa ne apni panty uttari to usski phuli hui chut par chhote chhote bal thay. Chut ke honth ubhre huye thay. Bra hatne par maa ki mast chuchi uchhal kar bahar aayi to mera lund bhi uchhal pada. Girja, main abhi camera set karta hoon. Tab tak tum dono aram se nangi ho jayo. Mere bag mein kuchh kapde hain, aap ko jo pasand ho pehan lena. Yaad rahe film shoot karne se pehle main aapko wigs pehnayunga aur kuchh make up karunga.

Main abhi aaiya” kehte huye main apne room mein gaya aur dresses wala bag maa aur aunty ko de diya. Dono maderzaat nangi auraten bahut sexy lag rahi thee. Mera dil kar raha tha ki abhi chod dalun dono ko, lekin film banana bahut zaruri tha. Fir maine Alok ko phone kiya aur bola” Alok, mere yaar do mast randian mil gayi hai aur film ki shooting shuru karne wala hoon. Tum ek ghante mein yahan pahunch jana aur aj hi apni film ka udghatan karna hai humko.

Alok bola” Wah mere yaar, main aa raha hoon” Maine bag se ek bottle whiskey ki nikali aur fridge se ice or soda lekar maa ke room mein gaya. Maine teen glass bhare aur dono ko ek ek glass pakda diya,” Girja, tum do do glass pee lo fir kissi kism ki mushkil na hogi. Koi mansik jhemp hai to hat jayegi. Alok aa raha hai. Alok ko film mein lene se koi pasia bahar na jayega.

Camera ghar ke har corner mein fit kar ke aata hoon. Tum sharab ka maza lo” Maine ek camera ghar ke gate ke andar laga liya ta ki ghar mein aata hua har koi nazar aaye aur agar ussko film mein lena ho to le saken. Dusra camera veranda mein, teesra bedroom mein jiss mein do double beds lage huye hain, chuatha, maa ke room mein aur panchvan drawing room mein laga diya aur recorders on kar diye. Main khud maa ke room mein chala gaya.

Aunty ki chut to shave ki hui thee aur chamak rahi thee lekin Girja ki chut par kuchh bal thay. “Mausi, aap Girja ki chut ko shave karna. Maa aap tangen faila kar rakho aur aunty aapki chut ko masalna shuru kar dengi jiss se aapki chut mein utejna badhegi. Film mein main aap dono ko chhup ke dkehunga aur aap mujhe pakad lengi aur mujhe chudai ke liye nimatrit karengi, lekin aap ye wig pehan len

Maine Girja ko ek chhote balon wali wig pehna dee aur aunty ko ek curly balon wali wig pehna dee. Khud main drawing room mein chala gaya. Apne glass se chuski leta hua sharab pee raha tha aur soch raha tha ki dono randian kia kar rahi hongi. Tabhi mujhe Girja ki siskari sunayi padi” Ahhhhhhhh bas karo Mamta ufff oooohhhhhh dheere karo uieee” Glass neechey rakh kar main unke room ki taraf badha. Dekha ki aunty maa ki chut par jhag laga rahi hain aur maa masti mein siskari le rahi hai.

Maa ke chehre ke bhav aur siskari iss tarah se kamukta se bhari hui thee ki kissi bhi blue film ki heroine ko maat de rahi thee. Ye result shayad iss liye savbhavik tha kion ke maa bahut chudasi halat mein thee. Apni maa aur Mamta aunty ko iss kamuk avastha mein dekh kar maine zip khol kar lund bahar nikal liya aur hilane laga. Meri ankhon mein vasna ki chamak aa gayi thee. Udhar mausi ne razor se maa ki chut ko shave karna shuru kar diya.

Camera sab kuchh qaid kar kar raha tha. Tabhi Girja ki nazar mere upper gayi aur vo chaunk padi. Film mein bhi main usska beta hi bana hua tha.” Hey bhagwan N beta tum ye kia kar rahe ho Mamta dekho Nikhil kia kar raha hai Isska kitna bada hai Mamta ne meri taraf dekha to boli,” Girja, koi baat nahin jo hum dono ko chahiye tere bete ke pass hai Nikhil beta apni mausi aur maa ko chodna chaho ge? Hum dono lund ki bhukhi hain! Aayo beta hum ko apne lund se chod kar thandi kar do!

Main kamre mein dakhil hua. Meri nazar apni maa ki faili hui tangon ke beech usski tazi shave ki hui chut pat tiki hui thee. Maa ki ankhen vasna se band ho chuki thee. Main dono auraton ke pass gaya to Mamta ne mera lund pakad liya. Aunty ke mulayam haath ke sparsh se mere jism mein current sa laga. Girja ye sab dekh kar pyasi nazar se apne bete ko dekh rahi thee. Maine Girja ki chuchi ko bheench liya aur bola”Maa tum bhi apne bete ka lund pakadna chahti ho?”

Maa ne vasna mein apna sir hila diya.”Maa apne bete ke lund se chudwana chahati ho?” Ussne fir se han mein sir hila diya. Mamta ne mera supada chatna shuru kar diya tha. Maine maa ka sir pakad kar apni taraf kheench liya aur usske honth apne lund se chipka diye,” To fir chus lo issko, Girja aur bana dalo apne bete ko madarchod!!” Mausi aur maa dono bari bari mera lund chusne lagi. Ek lund chusti to dusri mere andkosh chat leti.

Mera lund unke thook se bheeg chuka tha. “Beta, ab der mat karo. Chod dalo hum dono ko. Essa lund humne pehle nahin dekha, kitna mota hai!!!” Mamta bol rahi thee. Main dono se alag hota hua bola,” To chalo bedroom mein. Mera lund bhi aap jaisi auraton ko chodne ke liye tadap raha hai..” Hum teeno bedroom mein chale gaye aur main maa aur aunty ko chumne laga. Fir Girja ke upper chadh kar usski chuchi chusne laga aur mausi mera lund chusne lagi.

Main essey angle se dono auraton ko pesh kar raha tha ki unke nange jism meri film ko utejna puran bana den. Maa ka haath ab apni chut par reng raha tha. Achanak maa ne mera lund Mamta aunty ke mukh se kheench liya aur boli,” Chod mujhe ab, beta. Iss chut ki aag bujha de. Meri chut thandi kar ke apni aunty ko bhi shaant kar dena”Main bhi garam ho chuka tha. Main aunty se bola,” Aunty, aap maa ki chut ko chatna shuru karo.

Main abhi aa kar issko chodta hoon” Main ye keh kar bahar nikla. Door par Alok khada tha. Mujhe dekh kar muskura pada mera bhai. Muskurata bhi kion na, main ussko usski sagi maa aur mausi chodne ka mauka dene wala tha.’ Alok maderchod itni der laga dee kia baat hai. Ab andar chal jaldi se aur chudayi shuru kar main abhi aata hoon. Aur bata doon kissi se sharmana nahin. Vo taiyar hain sab kuchh karne ke liye. Tum ji bhar ke maze lena” Main apne room mein ja kar dekhne laga ki film theek se ban rahi hai ya nahin.

Maine camera mein dekha to bahut maza aaiya. Maa Mamta ki tangon ko faila kar usski chut chat rahi thee. Unki siskarion se lagata tha ki koi bahut badhiya videshi blue film chal rahi ho. Unko dekh kar mera lund bekabu ho gaya aur main ussko upper neechey karne laga. Tabhi Alok palang ke nazdeek ja khada hua aur vo pehle to chaunk pada jab ussne apni maa ko nanga dekha lekin fir Girja ki chuchi par haath ferne laga.

Jab main vapis aaiya to Mamta se lipat gaya aur ussko chumne laga. Girja aur Alok chumban le rahe thay.” Maa Alok ko bhi nanga kar do na. Bahut chahta hai tujhe ye sala. Mausi tum bhi chudai ke liye taiyar ho jayo. Aj Girja aur Mamta dono saath saath chudengi. Aunty main tujhe ghodi banana chahta hoon” Mamta meri baat sun kar ghodi ban gayi. Jab ussne apne chuttar upper uthaye to usski gaand ka brown chhed mujhe dikhayi pada.

Vasna ke nashe mein maine usski gaand ko chum liya aur aunty siskari bhar uthi” Bas beta bas, aur mat tadpayo. Apni chudasi aunty ko chod bhi lo. Maine usske chuttar par haath fera aur peechhey se apna lund aunty ki chut par tika diya. Maine apni kamar ko aage badha kar dhaka mar diya. Aunty ke mukh se halki cheekh nikal gayi jab mera lund dandanata hua unki chut mein chala gaya.

Girja Alok ka lund chus rahi thee. Lekin meri chudayi dekh kar boli. Alok, sale apne bhai se kuchh seekh. Dekh kaise chod raha hai apni mausi ko? Ab tu bhi chod dal mujhe. Shabash mere yaar!”Mere bilkul barabar Girja bhi ghodi ban gayi aur Alok ussko chodne laga. Wakt ke saath chudai ki raftar tez hoti gayi. Meri maa kissi thaki hui kuttia ki tarah haanf rahi thee. Alok pure zor se meri maa ko chod raha tha aur main apni aunty ki chut mein lund pel raha tha.

Mere andkosh aunty ki gaand se takra rahe thay. Kamre mein chudayi ka sangeet goonj raha tha. Alok ne maa ki bagal mein haath dal kar usski chuchi pakadi hui thee aur ussko zor se bheench raha tha.”oooooooo beta chod mujhe zor se chod maderchod tera lund meri chut ki gehrayi tak ghus chuka hai aaaahhhh..meri bachedani se takra raha hai bahut sukh de raha hai tera lund beta..shabash chod mujhe!

Girja bol rahi thee. Apni maa aur mausera bhai ko dekh kar mera josh bhi dugna ho gaya aur main aunty ko berehmi se chodne laga. Mamta ki saans bhi tezi se chalne lagi aur main usski peeth par kiss karne laga” aaahhhhhhh beta zor se chum le apni aunty ko chod le harami dal de sara lund meri chut mein hai mar diya mujhe beta jor se mar…aaaaaahhhh shabash Nikhil!” Main aunty ki gaand ko thaam kar jor jor se chodne laga.

Meri bagal mein Girja ko mera yaar chod chod kar nihal kar raha tha. Hum charon paseena paseena ho rahe thay aur mujhe malum tha ki film bahut achhi ban rahi hai. Lund dono ki chuct mein “phachak, phachak” ki awaz karte huye chudayi kar rahe thay. Alok ab Girja ke chuttar par chapat marne laga. Vo jaise jaise garam hota gaya, meri maa ki gaand ko aur zor se peetne laga. Girja ke chuuttar laal ho gaye thay.

Maine bhi ussko dekh kar aunty ki gaand par haath marna shuru kar diya. Mujhe laga ki film mein essa scene bahut pasand kiya jayega. Koi 10 minute ke baad Alok bola” Nikhil mere yaar kion na partner badal liye jayen. Tum apni maa ka taste dekh lo aur main apni maa ka Mujhe apni maa bhi bahut mast mal lag raha hai” Mujhe apne yaar ka khyal achha laga aur maine mausi ki chut se lund bahar kheench liya aur usske nange jism se alag ho gaya.

Alok ne Girja ko chhod diya aur fir main apni maa ko kiss karne laga. Alok ne Mamta ke muh mein apna lund thel diya aur bola” Maa, chus mera lund tujhe iss par apni behan ki chut ke ras ka swad aayega chakh kar dekh Girja aunty ki chut kitni namkeen hai! Mamta aunty ussi wakt jhuk kar apne bete ka lund chusne lagi. Main apni maa ko apne upper chadha kar chodna chahta tha. Iss position main mujhe maa ki chuchi saaf dikhayi padegi aur ussko chusne ka anand bhi mil jayega.

Maine Girja ki chut ko masal kar kaha,’ Maa main apna lund uss chut mein ghuste dekhna chahta hoon jahan se main paida hua tha tere doodh dekhna chahta hoon jinko chus kar main bada hua hoon tujhe uss lund ki sawari karte dekhna chahta hoon jo teri kokh se nikla hai Girja meri rani meri maa apne bete ke lund par sawar ho kar swarg ka anand de do mujhe! Main neechey let gaya aur Girja bina kuchh bole mera lund pakad kar meri kamar par sawar ho gayi aur mere supade par apni chut ko ragadne lagi.

Alok ne Mamta ko palang ke kone tak kheench liya aur usski tangon ko apne kandhe par tika liya. Mamta ne vasna ke karan apni aankhen band ki hui thee aur siskari bhar rahi thee. Girja ki ankhon mein vasna ke lal dore jhalak rahe thay jab vo mera lund apni chut mein ghusane ki koshish kar rahi thi. Maine maa ki kamar kas ke pakad li aur apni kamar utha kar lund maa ki chut mein pel diya. Mera lund maa ki chut mein chhapak se ghus gaya aur vo siskari bhar uthi”

gayi meri maa uff beta tumne to mujhe anand se hi maar diya Nikhil apne bete ke lund ka maza kia hota hai mujhe to pata hi na tha Hai Nikhil, dal de pura meri chut mein shabash beta chod apni maa ko tera business achha hai chudai ki chudayi kamai ki kamai wah beta kia lund hai mujhe pasand hai Alok bhi, ab mera bhi yaar hai mujhe dhanya kar diya mere bête apni maa ki chuchi chus le aur chut chod le! Main bhala apni maa ki adesh ki palna kion na karta.

Adesh bhi itna mazedar tha ki maine Girja ki mast chuchi ko tham liya aur usske nipple chusne laga. Maa mere lund par uchhalne lagi.Alok, sale mujhe bhi jor se chod jaise Nikhil apni maa ko chod raha hai. Agar tere andar bhi maderchod bananae ka shauk hai to apni maa ko chod dal aaj jee bhar ke oohhh haan haaannn jor se kas ke pel maderchod…Alok beta aur jor se!” Alok ki raftar bhi toofani ho chuki thee” Ohhhhhh maaaaaa Mamta meri maa aaj tak essi chudai nahin ki hai maine…

Jab tum mujhe beta keh kar pukarti ho to mere lund ki shakti doguni ho jati hai…aaaaaaa….main ab ruk na sakunga meri maa!”Mujhe bhi lag raha tha mera lund jald hi jharne wala hai. Girja bhi ab apni gaand tezi se upper neechey kar rahi thee. Kamra chudayi ki siskarion se goonj raha tha. Lund ras aur chut ras ki mehak kamre mein fail chuki thee. Main aur Alok tezi se dhake mar kar dono auraton ko chod rahe thay.

Mere andkosh ab mera ras mere lund ki taraf utha rahe thay aur ek kamuk cheekh mar kar main jahrne laga,” Oooooooo…..haaaaiiii….ooooooo…aaaaaaaah!” Girja ka jism esse kaamp raha tha jaise ussko bahut bukhar ho. Vo pagalon ki tarah chudayi ke anand sagar mein dub rahi thee. Meri maa ki chut se ras ki dhara behne lagi. Udhar Alok tabad tod apni maa ko chod raha tha.

Mamta ki chuchi Alok ke haath masal rahe thay aur dono masti ke sagar mein gote laga rahe thay,Beta, main jhad gayi gayi chod mujhe amderchod hai meri maa chod Alok mere lal…meri chut pani chhod rahi hai essi chudai to tere napunsak baap ne bhi nahin ki kabhi…beta chod dal apni chudasi maa ko!” Ussi wakt mere lund ka fowara chhot pada aur Alok bhi dhake marta hua khalas hone laga. Dheere dheere chudai ka toofan shaant hone laga aur hum dono apni apni maa ke upper dher ho gaye.o_o

बहन के साथ है जीवन के आनंद

बहन के साथ सेक्स करना बुरा नहीं है अगर आप दोनों अपनी मर्जी से करते हैं क्योंकि हर इन्सान को खुश रहने का हक़ है।
मेरा नाम अमित है, मैं इंदौर का रहने वाला हूँ और मैं २० साल का हूँ। मैंने इतनी सारी कहानियाँ पढ़ी अन्तर्वासना पर तो मेरा भी मन किया कि मैं भी कुछ इन सब कहानियों से अनुभव ले कर कुछ करूँ क्योंकि मैंने तब तक सेक्स नहीं किया था किसी के साथ भी ! हालांकि इच्छा बहुत होती थी। पर मौका नहीं मिलता था और मैं जिस स्कूल में पढ़ता था वहाँ लड़कियाँ नहीं थी। जब मैंने कहानियाँ पढ़ी तो इसमें बहुत सी कहानियाँ सगे भाई-बहन की भी थी। पहले तो मैं यह सोचता था कि क्या ऐसा संभव है? पर ये सब कहानियाँ पढ़कर यकीं आने लगा और मैंने सोचा कि क्यों ना मैं भी कोशिश करूँ !
मेरी बहन प्रियंका मुझसे ३ साल बड़ी है और वो बहुत सेक्सी है, 38-28-36 रंग गोरा। उसकी शादी नहीं हुई है। उससे मैं कभी भी फ्रैंक भी नहीं रहा था।
छः महीने पुरानी बात है। वो कभी रात को मेरे पास भी सो जाया करती थी तो मैंने एक दिन कोशिश की। जब वो रात को गहरी नींद में सो रही थी, उसने २ पीस वाला गाऊन पहना था और अन्दर ब्रा भी पहनी थी। रात के २ बजे की बात है, मैं उठा और कमरे की लाइट जला दी। प्रियंका सो रही थी, उसके वक्ष साफ दिख रहे थे। मुझे थोड़ा सा डर भी लग रहा था कि वो मुझे देख ना ले पर मैंने हिम्मत से उसके स्तन पर हाथ रखा, पहले गाऊन के ऊपर रखा। सच में ऐसा लग रहा था कि किसी गुब्बारे पे हाथ रख दिया हो। फिर मैंने उसके गाऊन के अन्दर हाथ से रखा। सच में ऐसा मज़ा आया कि जैसे मैं जन्नत से भी बहुत अच्छी जगह पे आ गया हूँ।
मैंने धीरे-धीरे उसके स्तन दबाए और फिर दोनों हाथ से दोनों स्तन को दबाने लगा। सच में बहुत अच्छा लग रहा था मुझे। फिर मैंने उसके गुलाबी होठों को चूमा। आहा ! इतना मज़ा आया। फिर उसकी गर्दन पर चूमा। इतने में मुझे लगा कि शायद वो जाग गई है और सोने का नाटक कर रही है। मुझे इससे और हिम्मत मिल गई। मैंने उसका गाऊन नीचे से ऊपर किया, उसकी गोरी और चिकनी टांगें मुझे दिख रही थी।
इतने में वो उठ गई और बोल पड़ी- यह क्या कर रहा है तू ?
मैं डर गया और एक मिनट के लिए कुछ बोल ना सका। इतने में वो बोल पड़ी- तू रुक क्यों गया ? कर ना ! मैं कब से इस सब के लिए तड़प रही थी ! आजा ! आज हम ऐसा हनीमून मनाएँगे जो आज तक किसी ने ना मनाया होगा !
मुझे यह सुनकर बहुत मजा आ गया। फिर हम चूमा चाटी करने लग गए, एक दूसरे के होठों को चिपका कर एक दूसरे की जीभ से अन्दर ही अन्दर मज़ा कर रहे थे और मैं साथ में उसके स्तन भी दबा रहा था। फिर मैंने उसके गाऊन का ऊपर का कपड़ा उतार दिया। मुझे इतना अच्छा लग रहा था, उसको ऐसा मेरा देखना उसको भी बहुत अच्छा लग रहा था। वो सिसक सिसक कर बोल रही थी- मुझे प्यार कर ! मुझे प्यार कर !
उसका ऐसा कहने से मुझे जोश चढ़ रहा था और मेरा लण्ड बिल्कुल खड़ा हो गया। मैंने उसका गाऊन पूरा उतार दिया और अब वो सिर्फ पैन्टी और ब्रा में मेरे सामने थी और मैं सिर्फ चड्डी में ! मेरी चड्डी में से मेरा लण्ड साफ़ दिखाई दे रहा था। मेरी बहन ने मेरे चड्डी उतार दी और मेरे लण्ड को देखने लगी और एक दम से उसने मुँह में ले लिया और बरफ के लड्डू जैसा चूसने लगी।
मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था। वो मेरा लण्ड चूस रही थी और मैं उसके स्तन दबा रहा था। वो १५ मिनट तक उसको चूसती रही। फिर मैंने उसकी ब्रा और पैन्टी उतार दी और उसकी चूत को चाटने लगा। वो आऽऽ आऽऽ आ कर के सिसकने लगी और मुझे बोलने लगी- अब अन्दर डालो !
पर मैं इतनी जल्दी नहीं डालना चाहता था। मैं उसे और गरम करना चाहता था। मैं उसकी पूरी बॉडी को किस करने लगा, चाटने लगा। फिर मुझे कमरे में शहद की बोतल दिखी, मैंने उसे उठाया और उसके दोनों स्तनों पर और चूत पर डाल दिया और चेहरे पर भी और फिर उसके चेहरे को चाटने लगा जीभ से ! मुझे बहुत मजा आने लगा। फिर उसकी चूचियों को चाटने लगा क्योंकि मैंने शहद डाल दिया था इसलिए चूसने में बहुत मज़ा आने लगा और चूत को चाटने में सच में ऐसा आनंद आ रहा था कि सोचा अगर यह सब जीवन में ना किया होता और मैं मर जाता तो मेरा इस जीवन में आना व्यर्थ हो जाता।
फिर मेरी बहन इतनी गरम हो चुकी थी कि उससे रहा ना गया, उसने मेरे लण्ड को पकड़ के डालना चालू कर दिया। बस मैं इसी का इन्तज़ार कर रहा था। मैं तो पहली बार सेक्स कर रहा था पर शायद मेरी बहन किसी से करा चुकी थी। मैंने पूछा कि पहले किसके साथ सेक्स किया है तूने ?
उसने बोला- राहुल के साथ !
मैं भौंचका रह गया क्योंकि राहुल मेरी मासी का लड़का है।मैंने बोला- मजाक मत कर !
उसने कहा- मैं मजाक नहीं कर रही हूँ, रानू भी राहुल के साथ सेक्स करती है !
रानू राहुल की बहन है !
मैं बोला- क्या बात है ! चलो अच्छा है !
मैंने प्रियंका को बोला- क्या रानू को पता है कि तूने राहुल के साथ किया है?
उसना बोला- हाँ !
फ़िर मैंने उसको बोला- क्या रानू दीदी मेरा साथ करेंगी ?
उसने बोला- बिल्कुल करेगी !
मैं ख़ुशी से पागल हो गया क्योंकि रानू दीदी बिपाशा बसु से भी ज्यादा सेक्सी है, सेहत, कद और फिगर सभी में !
फिर मैंने प्रियंका को चोदना चालू कर दिया। मुझे भी थोड़ा सा दर्द हो रहा था अन्दर डालने में। और अब मैंने उसके पूरा अन्दर डाल दिया था। मुझे उसने कहा- धीरे धीरे अन्दर बाहर कर !
मैं वैसे ही करने लगा, मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा। साथ में मैं उसकी चूचियाँ दबा रहा था और चूम भी रहा था। फिर वो झ्ड़ने लगी और मैं भी ! तो मैंने अपना लण्ड बाहर निकालने की कोशिश की पर प्रियंका ने मुझे निकालने नहीं दिया और हम दोनों झड़ गए। मेरा वीर्य उसके अन्दर ही रह गया।
मैंने उसको बोला- अब क्या होगा ? आप प्रेगनेंट हो जाएंगी !
उसने बोला- डर मत ! सब गोली आती है, मेरी आदत है।
उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से लिपट गए और किस करने लगे और फिर सो गए क्योंकि हमारा मम्मी पापा बाहर रहते थे, इसलिए हमे कोई डर नहीं था।
फिर सुबह बहन पहले उठ गई थी तो उसने उठते ही मुझे उठाया और उठते ही हमने एक बार फ़िर वही कियाजो रात में किया था।
हम दोनों बिल्कुल नंगे थे, मैंने उसको बोला- चल अपन साथ में नहाते हैं !
उसना बोला- बिल्कुल !
और साथ में नहाने का आनंद क्या है यह तो आपको पता ही है।
फिर उसने मुझे बोला- अपन दोनों अब आज के बाद पति-पत्नी जैसे रहेंगे !
मैंने बोला- क्यों नहीं !
फिर उसका बाद जब भी हम उठते, मिलते, घर आते तो किस करते हैं और हर रोज़ सेक्स करते हैं।
 मेरे साथ कई और भी दिलचस्प कहानियाँ हैं, अगर आपको यह क्हानी अच्छी लगी तो मुझे ईमेल करे ! 

Saturday, 24 August 2013

पब्लिक टॉयलेट में गांड मरवाई

प्रणाम पाठको, आप सब मुझे बहुत प्यार देते हैं, कुछ वास्तविक जीवन में मिलकर प्यार अपने लंड को मेरी गांड में डालकर देते हैं।

यह बात दो दिन ही पुरानी है। कंपनी में काम मानसून सीज़न में कम होता है, मैं छुट्टियाँ काटने अपने शहर गया हुआ था, सुबह उठा, घने काले बादलों ने आसमान को घेर रखा था। मुझे मंदिर जाना था, वापस लौट रहा था कि तेज़ बारिश आने लगी, एकदम से तेज़ बारिश की वजह से मैं जल्दी ही पूरा भीग गया। पहले सोचा गर्मी का मौसम है, कोई बात नहीं, घर ही जाना है, भीग लिया जाए। फिर मोबाइल और पर्स का ख़याल आया, सोचा अब करूँ क्या, बारिश ने मानो कह दिया था कि आज उसने कयामत बरसानी है।

सुबह का समय था, सड़क पर आवाजाही बहुत कम थी, सवा छह बजे थे, मुझे पास में बस स्टॉप दिखा, थोड़ी बहुत जगह थी, मैं रुक गया। साथ में पीछे पब्लिक टॉयलेट थी, मुझे मूत भी तेज़ आया था, मैंने बाईक बस स्टॉप के पास लगाई, लॉक किया और भाग कर टॉयलेट में घुस गया।

बारिश बहुत बहुत ही तेज़ थी, सड़कों पर बहुत बहुत पानी भरने लगा था, मेरी टीशर्ट बदन से चिपकी हुई थी, मुझे एक पोलीथीन का लिफाफा दिखा, उठा कर पर्स मोबाइल लपेटे, जेब में डाल लिए और टीशर्ट उतारी निचोड़ने के लिए।

किसी के पाँव की आहट सुन मुड़कर देखा एक साधारण कद काठ का सांवला सा बंदा था, उसकी नज़र मेरे मम्मों पर चली गई, एकदम साफ़ किये हुए चमक रहे थे, एक रात पहले शेव करवाई थी। वह भी भीगा हुआ था, पजामा चिपका हुआ था, उभरा हुआ हिस्सा ब्यान कर रहा था कि उसका औज़ार काफी मजेदार होगा।

मैंने आराम से टीशर्ट निचोड़ी।

चुप्पी तोड़ते हुए वह बोला- लगता है कि आज बारिश रुकने वाली नहीं !

मैंने कहा- लग तो यही रहा है !

"इसको निचोड़ने का क्या फायदा? भीग फिर जानी है !"

"मुझे शर्म आती है !"

"लड़कों को कैसी शर्म?"

"मुझे आती है शर्म !"

वह बोला- वो तो है, आपके बहुत नर्म नर्म हैं !

"अच्छा? तुमने कौन से दबा कर देखे हैं, पहली बार तो मिले हैं।"

"आज ही देखे हैं तो उसी पल कह भी दिया कि बहुत नर्म हैं !"

मैंने बरमूडा उतार दिया निचोड़ने के लिए, एकदम से गोरी चिकनी साफ़ गांड थी उसकी तरफ पीठ थी। तभी उसका हाथ मेरे गोलमोल नर्म नर्म चूतड़ों पर आ गया। वो सहला रहा था और दबा दबा कर देख रहा था।

"तुम्हें क्या हो गया? हाथ हटाओ !"

उसने मुझे कस के जफ्फी डाल ली !

"हाय ! क्या करने लग गए? छोड़ो मुझे ! कोई आ जाएगा !"

उसका हौंसला बढ़ गया और बोला- सच बताना, मजा आ रहा है?

मैंने गांड पीछे धकेलते हुए कहा- पकड़े जायेंगे !

मैंने जल्दी से बरमूडा पहना, टीशर्ट पहनी, पर वह कहाँ रुकने वाला था, बाहर गया, मुझे बुलाया, बोला- देखो, देखो ! कितनी तेज़ बारिश है, कोई दिख रहा है तुझे? साले, गांडू मत तड़पा ! पहले तुमने बरमूडा उतार कर उकसाया, यह देख मेरा औज़ार खड़ा हो गया !

मैंने मुड़कर देखा, क्या मस्त था !

"आ जा पकड़ ले !"

"पक्का बाहर आसपास कोई नहीं है?"

"यार खुद देख कर आ जा !"

मैंने खुद जाकर तसल्ली की, सच में सड़कों पर घुटनों तक पानी खड़ा होने को आया था।

वापस आया उसने अपना हाथ में पकड़ा था, सहला रहा था। मैंने आगे बढ़कर उसका लंड थाम लिया, सहलाने लगा।

"गांडू, लण्ड को प्यार कर दे बैठकर !"

"इसको टूँटी से धोकर आ !"

वो जल्दी से गया, टूँटी चला कर पानी से धोया और "यह ले गांडू, अब प्यार कर !"

मैंने उसके लंड को मुँह में डाला।

"हाय साले ! कितने गरम होंठ हैं ! आराम से प्यार करता रह !"

नई नई टॉयलेट बनी थी, बहुत साफ़ सुथरी थी। मैंने कहा- यहाँ नहीं, वो अंदर वाली, दरवाज़े वाली में चलते हैं।

एक में इंग्लिश सीट दूसरी इण्डियन सीट थी, इंग्लिश वाली में घुस कर दरवाज़ा बंद कर लिया, मैं बैठ गया, सामने वह लंड लेकर खड़ा था। मैं मजे से चुप्पे लगाने लगा।

वह बोला- गांडू, मुड़कर घोड़ी बन कर खड़ा हो जा !

मैंने कहा- रुक, अभी आया !

बाहर जाकर देखा, बारिश थोड़ी कम थी पर कोई भी नहीं था, बादलों से अँधेरा था। पर्स नहीं खोला, पर्स की एक अंदर की जगह मैंने कंडोम रखे हुए थे, दो कंडोम निकाले मैंने, पर्स लपेटा, कंडोम जेब में रख गया और एक मिनट और चुप्पे लगाए, और कंडोम लगाया सीट को बंद करके उस पर घुटने टिका घोड़ी बन गया।

उसने झटका दिया फच फच करता हुआ आधा लुल्ला घुस गया। उसने दूसरे झटके में लगभग पूरा डाल दिया था। थोड़ा दर्द हुआ पर जब वो चोदने लगा तो सारा दर्द उड़ने लगा, देखते देखते मस्ती छाने लगी। करीब तीन चार मिनट में उसका माल गिरने लगा। मैं भी खुश था, वह भी खुश था। उसने कंडोम उतार और लंड मुँह में घुसा दिया, बोला- अभी तसल्ली नहीं हुई, एक बार और ठोकूँगा, चूसता जा !

मैं चूसता गया, उसका सात आठ मिनट में खड़ा हो गया था, कंडोम लगाया और करीब आठ दस मिनट उसने मेरी गांड मारी, अचानक से मिले उस लंड ने मुझे अलग सा ही मजा दिया।

उसने मुझसे अपना नंबर भी दिया।

जल्दी ही कोई चुदाई हुई तो वो आपके सामने लाऊँगा।

Friday, 23 August 2013

Cousin Sister Ne Pura Maza Dia

Hi friends..mera naam Atif khan hai..ye mera pehla story hai.. jo maine pehlibar apni cousin sis k sath sex kia tha..mai iss ka reader last 6mnth se hu..mai kolkata ka rehne wala hu..m 20year old dikhne me thoda cute hu body color fair hai if ne nyc gal wana sex wid den they can send me email..maine 1st tym sex apni cousin sis k sath kia tha 5 saal pehle wen i was 15 aur wo 19 year ki thi..ab apna story sunata hu..
Mai apne hometwn gaya hua tha apni aunt ki shadi me aur uske 1 month k bad mere uncle ka b shadi tha hometwn me humlogo ko fir ana tha 1 mahine k bad to uske lie humlogo ko kol wapas jana tha..mai bta du apne cousin k bre me her name iz Shireen..dikhne me mast maal..wo vilg me rehti hai bt humlog k sath rehte rehte wo smart hai aur lagta nai hai k wo vilg ki ladki hai..uska figure mast 34,28,32 hai..fir humlogo k sath uska b planin hua kolkata jane ka use b shopin krna tha kolkata me wo b humlog k sath ayi..mai ye sun karke khush hogaya k isbar to ise chod kar rahunga..
Jis din kol aye usdin thake hue the humlog sab sogye..dusre din wo tv dekh rhi thi to maine remote manga usne nai dia jab mai chinne gaya to usne apne bra ke andar dhuka lia aur boli lo remote chahie mai sharma gaya aur chhod dia fir wo lays chips kha rhi thi maine manga to usne nai dia aur jab lene gaya to usne apna churidar k andar dhuka lia aur wo hasne lagi aur boli k lays khaega akrke lelo..maine hanste hue kaha bohot badi besharm aur kamini ho..to mujhe signal mil gaya tha k ye mere sath chudane ke lie ready hai fir raat me diner k baad sone k lie taiyari kar rha tha to mumy boli k tum aur shireen bed pe so jao humlog dusre room me sojaenge..sabne yahi socha k chota hai bacha hai bhai behen hai to kisi ne mind nai kia k ye kya karega..
Lekin mai to khush hogaya aur mujhe nind jaldi agaya aur mai sogaya..jab raat me mera nind tuta to waise hi mera lund khada hogaya us waqt 5 inch ka tha abi 6 inch hai mera lund..mera jab khada hua to wo sidhe hokrke soyi hui thi andhera tha bt pata chal raha tha wo gehri nind me thi..mujhe zyada dar b nai laga maine apna leg uske leg pe rakha mujhe ek dum current k tarah laga mera 1st tym tha..fir uske bad apna hath usk boobspe rakha aur usse chipak gaya uff kya boobs tha uska ek dum tight..fir maine halka halka apna hath uske kamar pe rakha salwar uthaya aur uske kamar ko pakda pata nai wo us waqt tak soyi hui thi ya nai..fir maine wapas apna hath usk boobs par legaya aur kapde k upar se halka halka dabane laga aur mai ruk gaya usk boobs pe hath rakh krke mai usse chipka hua tha mera right leg uske leg ke upar tha hath boobs par aur mera lund uske jaangh ko touch kr rha tha jo pura tight tha..fir uske baad uska response mila usne nind k natak me mera hath pakad kar apne navel me rakha fir apna shalwar kandar mera hath rakha dia..ab mera lund aur b khada hogaya lekin ye to shurat tha..
Ab mai uske body ko apne hath se touch kar rha tha..maine shalwar ke andar se uske boobs ko dabaya uske bra ko hata karke zor zor se boobs press kia uske mu se awaz nikalne laga jaise patanai kitne dino se pyasi hai..uska boobs ek dum tight tha jo dabane me maza araha tha uske nipple k sath khela uska pet sehlaya..mujhe navel se khelna bohot pasnd hai jo maine murder muvi me dekha tha..fir maine apne finger se usk navel k aas paas sehlane laga uske navel me ungli dala uski saanse bohot tez hote ja rhi thi aur bohot hot hogyi thi wo..wo abi b nind ka natak kar rhi thi usne mera hath pakda aur apne churidar k upar se hi mera hath uske zarban k pas rakh dia mai samajh gaya aj to beta mujhe virginity todna padega mai sex k bare me sb kch janta tha..uska zarban kafi tight tha to maine hath dhukane ka koshish kia lekin nai gaya fir zarban b kholne gaya wo b nai khula usne khud se apna zarban khola ab mai easily hath dhukaya usk panty k andar uske chut pe halka halka bal tha fir mai aur niche gaya to mera 1 finger jo slip hokrke uske chut pe gaya aur wo tadap gyi kya hot aur rasila chut tha uska..fir maine usme fingerin kia uske chut ko sehlaya kafi der tak uske mu se halka halka awaz nikal rha tha q k bagal wale room pe sab family the..mujhe lips to lips kissing karna bohot pasand hai fir mai thoda upar hua uske cloz gaya wo ek dum hot ho rhi thi..
Maine pyar se usk baal ko uske kaan ke piche kia uske ankho pe apne ungli se sehlaya fir usk galo ko sehlaya hont se lekar pura gardan aur pith ko sehlaya mujhe b bohot maza araha tha wo mere aur kareeb ate gaye fir maine apne hont ko uske hont se sirf touch kia uska hont sukh rha tha maine hata lia fir maine use kiss karna jo shuru kia uska hont uffff kya taste tha uske hont me maine bohot zor zor se kia uske hont ko pura chus lia kareeb 15 min tak use lipkiss kia fir mai thoda upar uske swt swt eys pe kiss kia uske gal pe kiss kia uske uske face ka koi b hissa nai choda har jagah kiss kia fir mai wapas lips me kiss kia mujhe pe kis kia wo machal jarhi thi aur ye sb mai usse chipke hue kar rha tha maine apna body uske peeth pe sataya jo boht relax feel hua maine peeche se hi uska boobs press krna shuru krdia uske gardan pe kiss kar rha tha aur apne lund ko uske gand me ragadne laga aur mujhe control nai hua maine apne lower pe hi apna sara pani gira dia..fir maine dusra lower pehna uske bad usse chipak karke sogaya..aur agle raat uske sath sex kia maine..wo mai next story me likhunga dis iz my real story frndz..aplogo ko story kaisa laga..agar kolkata ki koi achi ladki intrstd hai mere sath sex krne to plz mujhe email kre..mai last 3 year se pyasa hu..comntz guyz n galz if u lyk..mere story me kch kami hai to plz sugst

Maine Saheli Ke Bete Se Sex Kiya

Mera naam neeta hai or age 36 saal hai ormain ek big firm me high position pe hoon.i m from delhi.mera figure 36-38-38 hai or fair color hai,yo aap samajh gaye honge main kaisi lagti hoon.main dekhne me acchi hoon kyoki mard mujhe upar se neeche tak aapni kaamvasna wali nazro se ghurte hain.main apne husband ke sath rehti hoon par meri private life kuch khaas nahi hai kyoki mere husband mujhse kaafi bade hain or alcoholic hain of vo apne business me hi busy rehte hain. main ek sex deprived lady hoon or yahi reason hai mera or logo ke sath sex hone ka.unhi me se ek incident me likh rahi hoon jisko abhi jyada time nahi hua hai.
Meri friend rashmi jo ki pehle hamari hi building me rehti thi or doosri state me shift ho gayi thi uska son Deepak jo ki 23 saal ka hai.vo apne old friends se milne aaya tha to fir uske baad vo mere ghar aaya.Deepak ab kaafi handsome dikhne laga tha or physically strong bhi ho gaya tha.us din school ka holiday tha or ghar par koi nahi tha.subah ke 10 baj rahe the or main naha ke nikli hi thi ki tabhi Deepak milne aa gaya.deepak ne bataya ki sham ko vo wapas ghar chala jayega.maine usko baithaya,chai nasta diya.
Main naha ke apni satin ki maxi dali or ander kuch nahi pehna or aise hi Deepak se baate karne lagi.Deepak ne mujhse kaha mam aap acchi lag rahi ho or mujhe kamuk nazar se dekhne laga.vo mere breasts ko ghur raha tha.maine bra nahi pehni thi or maxi bhi tight thi deep neck kishayad isliye usko mere doodh saaf dikh rahe hoge.uska penis capri me tight erect dikh raha tha.main samajh gayi ki Deepak kya chahta hai.mujhe kuch samajh me nahi aa raha tha ki kya karu.tabhi vo main jaane ke liye khadi hui to Deepak bola mam main apse gale to mila hi nahi or mere pass aa gaya.main kuch samajh pati ki usne mujhe apni bahon me bhar kiya or mere neck par apne hoth rakh diye.usne meri back ko peeche se pakad liya or hath kasne laga.kuch der ke liye to main sab bhul gayi or uski bahon me kho gayi.fir usne meri kamar par hath sehalte hue hips par hath le aaya.main us se alag hui par usne hath waka se nahi hataye or bola mam aap nahi janti ki mujhe apki kitni yaad aayi.apka chehra main har wakt imagine karta tha.mujhe kuch samajh me nahi aa raha tha,maine us se kaha tum yahi baitho main abhi aati hoon or main bedroom me chali gayi.maine socha mujhe Deepak ke samne aise bina bra panty ke nahi jaana chahiye tha par mujhe uski batein sun kar accha laga tha.
Main socha ki mujhe bra panty pehan leni chahiye to.main bedroom me gayi or main maxi utar ke full nude ho gayi.maine pehle bra li or pehan li or jaise hi maine panty ko apne ek leg me daala Deepak ne mujhe peeche se pakad liya.usko hath mere doodh par the or vo unko bra ke upar se daba raha tha.abhi main samjh hi nahi payi thi ki kya hua hai ki mujhe Deepak ne peeche se neck par chumna start kar diya.panty mere ek leg me hi reh gayi.deepak ne mujhe bed par gira diya or mere upar aa gaya or apne lips mere nipples par laga diye or unko chusne laga.usne mere hath pakad liye jis se main kuch nahi kar payi.main ab samjh gayi ki vo mujhe se sex kar ke hi manega.
Kuch der to maine oppose karne ki kosis ki par vo mujhe lip kiss karta raha.ab maine bhi usko kiss karna suru kar diya.kahin na kahin mera jism bhi apni pyass bhujaana chahta tha.ab vo mere doodh par aa gaya or usne dono breasts ko bra se nikal liya or chumne or dabane laga.vo paglo ki tarah mere doodh chatne or chumne laga jaise us par shaitaan sawaar ho or apne lips se mere nipples dabane or chusne laga.vo ek nipple ko muh se chusta or fir jaldi se doosre nipple ko chusta or kheechta.vo mere doodh ko apne hathon se dabane me koi kasar nahi rehne deta.is tarah kuch der me main garam hone se dheeli pad gayi.kuch der baad usne mere hath chor diye or apne hath se mere doodh dabate hue chusne laga.fir maine apne aap uske muh ko apne doodh par daba diya or us se kaha or jam ke chuso beta aur uska sir ko apna boobs par ragedna lgi.mujhe yakin nahi ho raha tha ki main aisa keh rahi hoon.Fir usne kuch der baad mere doodh chor diye or mujhe kiss karne laga or main bhi use deep kiss karne lagi.aaj meri sex ki pyaas mujhse ye sab karwa rahi thi.usko kiss karte hue maine uske lund ko uski pant ke upar se hi dabana suru kar diya.uska lund strong or mota malum padta tha.
Fir Deepak khada hua or main uski shirt ko open karne lagi or Deepak ne is beech apni pant utar di.maine dekha uska lund underwear me full erect tha or bahar nikalne ko betaab tha to main uska underwear neeche kar diya.aisa karte hi uska lund bahar aa gaya.uska lund kaafi bada or mota tha jisko dekh kar mujhe usko chusne ka mann hua to maine uske lund ko pakad ke or bed ke side me baith gayi.maine uski skin ko peeche kiya or uska pink supada chamakne laga.uska supada bada or khoobsurat tha jaise chusne ke liye hi bana ho.main uske supare ho hath se sehlane lagi to Deepak bola aunty jaldi chusiye plz.maine us se kaha tujhe bahut jaldi hain na or uske supade me apne nails daba diye.vo aaahhh..karke chillaya to maine uska supada apne muh me rakh liya or chusne lagi.itna komal or mazbut lund aaj mujhe saalo baad mila tha to main usko chusti rahi.
Deepak eyes close karke aahhh..kar raha tha.main uske latke hue balls ko hath se sehlane or dabane lagi.fir maine uski balls ko muh me le ke chusa.deepak ye sab seh nahi paa raha tha or aaayyii…oohhh kar raha tha.ab uska lund taiyyar ho gaya tha to main us se kaha chal let ja or meri chut chat.vo let gaya or main uske muh par ja ke shit karne ki position me baith gayi.uske muh meri thighs ke beech me daba hua tha or vo meri chut ko chat ko neeche ghus ke chat raha tha.usne meri clit ke top part ko finger se rub karne laga jis se mujhe or maza aane laga.Uske chatne se mujhe ek ghazab ka sensation hua.main shambhal nahi payi or uske lund ko muh me liye hue loose ho gayi.us sensation ki wajah se meri peshaab nikal gayi par Deepak ne apna muh nahi hataya or chusta raha.vo mujhse bola wao..mam ap to kamal ki ho.dekte hi dekhte usne meri puri peshaab pi li.fir main uth kar bed ke side khadi gayi.deepak mujshe poochne laga kya hua ap rukh kyo gayi main kuch nahi boli.maine Deepak se kaha sorry usne kaha nahi mam ye to bahut tasty thi.apki chut se to sab amrit hain.i love u mam bol kar vo mere dono nipples ko chusne laga.
Deepak mere peeche gaya or mere hips ko dabate hue bola wow..mam apke hips kitne bade or soft hain.main inko chum lo?maine kaha jo tum chaho karo.Vo bed par baith gaya or main uski taraf back ho ke khadi ho gayi.usne mere hips ko kiss kiya or chatne laga.vo mere hips ko poora dabata or unko slap bhi karta jis se thappp…jaisi awaaz aati.vo bahut der tak unko dabata or lick karta raha.vo meri thighs ko rub bhi karta or unko dabata bhi. vo paglo ki trah merry jhangho ko chaat rha tha fir usne mere hips ko khola or mere asshole par apni tongue rakh di or usko bhi lick karne laga.mujhe to yakin nahi ho raha tha ki.maine apni waist halki si bent kar li.kuch der baad vo usme tongue ander tak ghusane laga or fir 10 min baad vo ruk gaya.main ghumi or uske lund ke upar apni chut le gayi or usko pakad ke apni clit par rakh or uske lund par baith gayi.jaise hi uska lund meri chut me ghusa Deepak ne mujhe apni bahon me jakad liya.main usko kiss karne lagi or apne hips ko hilane lagi jisse Deepak aahhh..mam..wow..bolne laga.meri chuchi uske chest par dabi hui thi.kuch der tak aisa karne ke se mujhe maza aaya.
Fir maine apni speed badayi or uske lund par jump karne lagi.mujhe sex me lund par jump karne me bahut maza aata tha.deepak bola aaahhh…mam haan aise hi kariye.mere breasts hawa me lehra rahe the or Deepak eyes close karke aahhh…kar raha tha.fir main thak gayi to uske upar let gayi.usne mujhe apni bahon me jakad liya or meri chut me neeche se shots marna start kar diya.uska lund bahut tezi se ander bahar hone laga.vo itni tez lund hila raha tha ki mere dono hips hilne lage.vo bahut acche se sex kar raha tha jis se mujhe poora mil raha tha.vo mere doodh ko chuste hue shots marne laga.kuch der tak aisa chodne ke baad usne mujhe ghuma diya or mere upar aa gaya jis se hum missionary position me aa gaye.vo meri chut me strokes maarta raha.uska or mere precum se chut or lund kaafi slippery ho gaye the or us se sex me or bhi maza aane laga.maine apne clit ke top ko sath me rub karne lagi jaha par dana hota hai jis se mujhe or jyada maza aane laga.fir maine apni thighs uski kamar par cross kar ke kas li or 10 min tak hum dono aisa hi karte rahe.10 min baad Deepak ki speed kam hone lagi or vo dheeme ho gaya to maine uska lund pakada or apni chut se nikal.uske lund par foam laga tha.maine uske lund ko apne muh me rakh liya or chusne lagi.uska lund kaafi garam ho gaya tha.
Kuch der chusne ke baad usne maine uska lund chir diya or usne mujhe ghodi banne ko kaha.main waisa hi kiya or usne jukh ke meri chut me peeche se muh laga diya or chut ko peeche se chatne laga.meri chut me jo bhi ras tha vo usko chat raha tha.uski tongue meri chut me gudgudi kar rahi thi jis se mujhe bahut maza aa raha tha.mere muh se halki aahhh..uuffff…karte raho aahhh..ki awaaze nikal rahi thi.deepak mujhse keh raha tha aahh….mam ap kamal ki ho.10 min tak chatne ke baad usne apna lund chut me bade aaram se daal diya or strokes lagane laga.vo bade aaram se mere hips ko hathon se sehlate hue apna lund ander bahar kar raha tha.usne 10 min tak strong strokes lagaye jis se main orgasm ki taraf badne lagi or 10 min me meri chut ne paani chor diya or main zor se aahhhh… karte hue dheeli ho gayi par usne meri kamar pakde rakhi or usme zor-2 se jhatke marta raha.aaj mujhe bahut saalo baad best orgasm mila tha.main nashe me dhoob gayi thi or ek dam dheeli pad gayi par Deepak meri kamar ko pakad ke jhatke maarta raha.uska lund mere paani me fisalne laga jis se pachhh…..pachhh..ki awaaz aane lagi.5 min baad usne mujhe belly se kas ke pakd kiya or aaahhhhh…mam..chillate hue uske lund ki pichkari nikal padi jis se bahut saara semen nikla or chut us se poori bhar gayi.
Vo aisa karte hi mujhe le ke bed par gir gaya or mere bagal me let gaya.hum dono ki breath tez chal rahi thi.usne mujhse kaha love  you mam aur mujhko lip pr kiss kar di aaj apne mujhe bahut maza diya.uska lund meri chut me hi pada raha or chota ho gaya.meri chut se uska semen tapakne laga.kuch der baad main uthi or apni chut wash or toilet karne chali gayi.fir Deepak ne mujhe poore badan par kiss kiya or mere dono hips par slap marte hue bola ki kal usko subah wapas jaana hai to next time ke liye aane ka promise kara or mujhse gale laga ke lipat gaya.usne mere sath nude dance kiya or nude hi mere sath so gaya.fir sham ko usne apne clothes pehne or apne ghar chala gaya.fir uske baad vo nahi aa paya kyo ki uske papa ka transfer dusre state me ho gaya to vo uske baad se vo nahi aaya.apko meri story kaisi lagi mujhe mail karke kariye